Khagaria News: खगड़िया में मानसून के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है, श्रावणी मेला भी करीब है. ऐसे में जिला प्रशासन ने दोनों मोर्चों पर तैयारियां तेज कर दी हैं. जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने परबत्ता प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों और अगुवानी गंगा घाट का दौरा कर तटबंधों की सुरक्षा से लेकर मेला व्यवस्थाओं तक का जायजा लिया. अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया कि राहत कार्य और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.
एक तरफ नदियों का बढ़ता जलस्तर प्रशासन की चिंता बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर कुछ ही दिनों में लाखों श्रद्धालु श्रावणी मेला के लिए अगुवानी गंगा घाट पहुंचेंगे. ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बाढ़ से लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो और मेला भी बिना किसी बाधा के संपन्न हो. इसी दोहरी चुनौती को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह मैदान में उतर चुका है.
बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया व्यापक निरीक्षण
जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने गुरुवार को परबत्ता प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक दौरा किया. उनके साथ उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, बीडीओ संतोष कुमार पंडित, अंचलाधिकारी हरिनाथ राम समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कबेला, माधवपुर, दरियापुर भेलवा, जोरावरपुर, तेमथा करारी और अगुवानी गंगा घाट सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने जलस्तर, तटबंधों की स्थिति और संभावित बाढ़ के खतरे का आकलन किया.
तटबंधों की सुरक्षा पर विशेष नजर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तटबंधों की मजबूती और संभावित कटाव वाले स्थानों की स्थिति का भी जायजा लिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी जोखिम की आशंका हो, वहां तुरंत आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएं.
डीएम ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. सभी अधिकारी लगातार क्षेत्र में निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें.
Khagaria News: अगुवानी गंगा घाट पर श्रावणी मेला की तैयारियों का लिया जायजा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी अगुवानी गंगा घाट पहुंचे, जहां उन्होंने आगामी श्रावणी मेला की तैयारियों की समीक्षा की.
उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा, पार्किंग और यातायात प्रबंधन की तैयारियों का विस्तार से निरीक्षण किया. संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार कर ली जाएं.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु अगुवानी गंगा घाट पहुंचते हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी व्यवस्था में ढिलाई न बरती जाए.
दोहरी चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क
डीएम विक्रम विरकर ने कहा कि फिलहाल जिले में बाढ़ की स्थिति और श्रावणी मेला, दोनों प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं. बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराना और श्रावणी मेला को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन का लक्ष्य है.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी, ताकि न तो बाढ़ प्रभावित लोगों को परेशानी हो और न ही श्रावणी मेला की व्यवस्थाओं पर कोई असर पड़े.
