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Home बिहार खगड़िया पशुपालकों के उम्मीदों पर फिरा पानी,80 फिसदी ऋण आवेदक ऋण लेने से रह गए वंचित

पशुपालकों के उम्मीदों पर फिरा पानी,80 फिसदी ऋण आवेदक ऋण लेने से रह गए वंचित

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पशुपालकों के उम्मीदों पर फिरा पानी,80 फिसदी ऋण आवेदक ऋण लेने से रह गए वंचित

खगड़िया.

पशुपालकों के लिए सस्ते ब्याज दर पर चलाई गयी केसीसी यानि किसान क्रेडिट कार्ड (पशु पालन) को जिले में दूसरे चरण में भी सफलता नहीं मिल पाई. पशुपालकों को किसान क्रेडिट योजना का लाभ दिलाने के लिए पिछले वित्तीय वर्ष जिले भर में कैंप लगाकर पशुपालकों से आवेदन लिये गये थे. पशु पालकों से प्राप्त आवेदनों की स्वीकृति के लिए पशुपालन विभाग के द्वारा जिले के करीब दस बैंकों को भेजा गया था. लेकिन बैंकों को भेजे गए अधिकांश आवेदन जांच के दौरान अस्वीकृत कर दिये गये. ये आवेदन अलग- अलग कारणों से अस्वीकृत किये गये हैं. इधर आवेदन अस्वीकृत हो जाने के बाद जिले के सैकड़ों पशुपालक किसान क्रेडिट योजना के लाभ से वंचित रह गए. केसीसी कैंप में जमा हुए थे 4862 आवेदन लेकिन 976 पशुपालकों को ही स्वीकृति दी गयी.

पशुपालकों के लिए उपयोगी है केसीसी योजना

बता दें कि केसीसी पशु पालन करने वालों के लिए काफी लाभदायी योजना है. ये केसीसी कितना महत्वपूर्ण व लाभदायी है,इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1.60 लाख रुपये तक वगैर किसी गारंटी अथवा सिक्योरिटी के लोन दिये जाते हैं. उल्लेखनीय है कि खेती के लिए किसानों को मिलने वाले केसीसी की ही भांति गाय व अन्य पशु तथा मछली पालन करने वालों को सस्ते ब्याज दर पर केसीसी दिये जाने की योजना बनाई गई थी. केसीसी प्राप्त करने वाले मछली व पशुपालक को साल में एक बार रेनुअल कराना होता है. निर्धारित समय पर रेनुअल कराने वाले किसानों को तीन प्रतिशत ब्याज में छूट का प्रावधान है. बता दें कि केसीसी के तहत पशुपालकों को गाय का चारा,रख-रखाव आदि के लिए ऋण दिये जाते हैं. लेकिन पहले चरण में किसानों ने गाय खरीदने के लिए आवेदन दे दिये थे. आवेदन गलत होने के कारण बैंक स्तर पर इसे अस्वीकृत कर दिया गया था. लेकिन खराब उपलब्धि पर पशुपालन विभाग ने वित्त विभाग को भी लिखा था पत्र. पशुपालकों के लिए संचालित केसीसी योजना में गति लाने को लेकर पिछले साल पशुपालन विभाग द्वारा वित्त विभाग भारत सरकार को भी पत्र लिखा गया था, लेकिन दूसरे चरण भी इस योजना की उपलब्धि जिले के साथ- साथ दूसरे जिले की अच्छी नहीं सुधरी.

कहते हैं अधिकारी

केसीसी ( पशुपालक) आवेदन बैंक स्तर अस्वीकृत हुए. यह योजना उन लोगों के लिए है, जो पूर्व से पशु पालन कर रहे हैं. जिनके पास गाय एवं शेड उपलब्ध है, उनके लिए केसीसी चलाई गयी है. लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने गाय खरीदने के लिए आवेदन दिये. जांच करने जब बैंक पदाधिकारी उनके घर पहुंचे तो न उनके पास गाय थी और न शेड. संबंधित विभाग के द्वारा लोगों से आवेदन लेने के पूर्व उन्हें योजना से संबंधित जानकारी देना चाहिये था. सोनू कुमार, एलडीएम.

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