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Home बिहार खगड़िया हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूरे, चौथे स्तंभ के रूप में सफल रही हिंदी पत्रकारिता

हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूरे, चौथे स्तंभ के रूप में सफल रही हिंदी पत्रकारिता

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हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूरे, चौथे स्तंभ के रूप में सफल रही हिंदी पत्रकारिता

खगड़िया. बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बैनर तले शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया गया. इस अवसर पर प्रेस क्लब में आयोजित परिचर्चा में पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार रखे. परिचर्चा को संबोधित करते हुए भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, नई दिल्ली के पूर्व राष्ट्रीय सचिव चन्द्रशेखरम ने कहा कि कानपुर के पंडित युगल किशोर शुक्ल ने 30 मई 1826 को कोलकाता से साप्ताहिक समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का प्रकाशन शुरू कर हिंदी पत्रकारिता की नींव रखी थी. उन्होंने कहा कि 30 मई 2026 को हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे हो गये हैं. ब्रिटिश दार्शनिक एडमंड बर्क ने विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद पत्रकारिता को लोकतांत्रिक व्यवस्था का चौथा स्तंभ बताया था. उन्होंने कहा कि चौथे स्तंभ के रूप में हिंदी पत्रकारिता पूरी तरह सफल रही है. औपनिवेशिक काल में शुरू हुई हिंदी पत्रकारिता ने उपनिवेशवाद, सामंतवादी व्यवस्था, जमींदारी प्रथा, देसी रियासतों और डोमिनियन भारत के दौर को पार करते हुए स्वतंत्र लोकतांत्रिक व्यवस्था तक का सफर तय किया है. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे यूनियन के जिलाध्यक्ष राज किशोर सिंह ने कहा कि विभिन्न वैश्विक सर्वेक्षणों के अनुसार हिंदी दुनिया की सबसे अधिक समझी जाने वाली भाषाओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषाओं में हिंदी को शामिल किये जाने से हिंदी के हजारों पत्रकारों और अनुवादकों के लिए रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. यूनियन के सचिव शशि भूषण प्रसाद ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुकी है. उन्होंने हिंदी पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला. यूनियन के संयुक्त सचिव सिकंदर आजाद ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता सरल, सहज और आम लोगों की समझ में आने वाली भाषा की पत्रकारिता है. वहीं उपाध्यक्ष प्रभात सुमन ने कहा कि देश में हिंदी पत्रकारिता तेजी से विस्तार कर रही है. उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और इसे और अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है. मौके पर पत्रकार सतीश रजक, विनोद कुमार सिन्हा, रवि कुमार, अनीष कुमार, प्रभात कुमार आदि मौजूद थे.

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