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जमीन सर्वे में बड़े पैमाने पर की जा रही गड़बड़ी से नाराजगी

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जमीन सर्वे में बड़े पैमाने पर की जा रही गड़बड़ी से नाराजगी

बेलदौर. सर्वे कार्य करने से पहले किसानों के बीच प्रचार-प्रसार नहीं किया गया. टेबल खानापूर्ति कर संबंधित पदाधिकारी व कर्मियों द्वारा बरती जा रही लापरवाही का खामियाजा रैयतों को भुगतना पड़ रहा है. इससे किसान, रैयत व पर्चाधारियों के बीच असंतोष का माहौल पनप रहा है. दस्तावेज जमा करने में किसानों द्वारा अभिरुचि नहीं लेने का आरोप लगाकर बेलदौर के करीब 50 हजार रैयतों की जमीन सरकारी घोषित किए जाने की खबर से सर्वे से वंचित रहे रैयतों में हड़कंप मच गया है. किसान, रैयत व पर्चाधारियों के समस्याओं को लेकर बीते बुधवार की शाम प्रखंड कार्यालय समीप मैरिज हाल में भारतीय किसान महासंघ की अंचल कमेटी ने प्रेसवार्ता कर बताया कि सरकार की दोहरी नीति से रैयत व पर्चाधारियों के बीच अपनी जमीन बचाने की जंग छिड़ी हुई है. अधिकारी सुनते नहीं है. सरकार जमीन सर्वे में तुगलगी फरमान जारी कर जमीन के स्वामित्व निर्धारण की कमान संबंधित पदाधिकारी व कर्मी को सौंप दिया है. जिसने चढ़ावा दिया उसकी सर्वे मनमुताबिक हो गई. जिसने विरोध किया उसे दावा आपत्ति के प्रपत्र 8 ,14 व 21 के चक्रव्यूह में उलझाकर बेलदौर से खगड़िया कार्यालय तक का चक्कर लगाने को विवश कर दिया. इस दौरान जिला सचिव शैलेंद्र वर्मा ने कहा कि बिहार विशेष सर्वेक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर रैयतों के साथ धांधली की गई है. जिस कारण बंदोबस्त पदाधिकारी और सहायक शिविर प्रभारी बेलदौर द्वारा पचास हजार एकड़ किसानों की जमीन सरकारी घोषित कर दिए गए हैं. जबकि बेलदौर अंचल में सर्वे कार्य अभी तक आधा अधूरा ही हुआ है. नौ मौजे में सरवस्ता खेसरा के कारण सर्वे कार्य को रोक दिया गया है. शेष मौजे में दावा आपत्ति पत्र लिया जा रहा है. इन्होंने बताया कि सर्वे कार्य में सुधार करने की मांग पर जिला बंदोबस्त पदाधिकारी के बयान से रैयतों को शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना महसूस हो रही है. उन्होंने कहा कि पूरे जिले में परिमार्जन के नाम पर बड़े पैमाने पर लूट खसोट जारी है. कहा कि रैयतों के हित में चरणबद्ध आंदोलन करेंगे. चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते बिहार सरकार रैयतों को परेशान करने वाले पदाधिकारी पर कार्रवाई करें. ताकि किसान आर्थिक शोषण दोहन से मुक्त हो सके. उनकी जमीन सुरक्षित रह सके. सर्वे से वंचित रहे रैयतों से अपील किया है कि सर्वे अधिकारी व उनके कर्मी के धमकी से नहीं डरें. बिहार सरकार के पदाधिकारी से डटकर मुकाबला करने को तैयार रहे. भारतीय किसान महासंघ किसान रैयत व पर्चाधारियों के हक हकुक के लिए चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेगी. इन्होंने बताया कि हवाई सर्वे को धरातल पर पुरी ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ उनके पुरखों की जमीन को सुरक्षित किया जाना था. लेकिन सरकार व अधिकारियों की गलत मंशा से भू सर्वेक्षण का कार्य भी हवा हवाई ही चल रहा है. इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मौके पर कोषाध्यक्ष मनोहर शर्मा, प्रखंड सचिव सुधीर प्रसाद सिंह, जिला कमेटी के सदस्य नारायण मुखिया आदि मौजूद थे. सर्वे कार्य करने से पहले किसानों के बीच प्रचार-प्रसार नहीं किया गया. टेबल खानापूर्ति कर संबंधित पदाधिकारी व कर्मियों द्वारा बरती जा रही लापरवाही का खामियाजा रैयतों को भुगतना पड़ रहा है. इससे किसान, रैयत व पर्चाधारियों के बीच असंतोष का माहौल पनप रहा है. दस्तावेज जमा करने में किसानों द्वारा अभिरुचि नहीं लेने का आरोप लगाकर बेलदौर के करीब 50 हजार रैयतों की जमीन सरकारी घोषित किए जाने की खबर से सर्वे से वंचित रहे रैयतों में हड़कंप मच गया है. किसान, रैयत व पर्चाधारियों के समस्याओं को लेकर बीते बुधवार की शाम प्रखंड कार्यालय समीप मैरिज हाल में भारतीय किसान महासंघ की अंचल कमेटी ने प्रेसवार्ता कर बताया कि सरकार की दोहरी नीति से रैयत व पर्चाधारियों के बीच अपनी जमीन बचाने की जंग छिड़ी हुई है. अधिकारी सुनते नहीं है. सरकार जमीन सर्वे में तुगलगी फरमान जारी कर जमीन के स्वामित्व निर्धारण की कमान संबंधित पदाधिकारी व कर्मी को सौंप दिया है. जिसने चढ़ावा दिया उसकी सर्वे मनमुताबिक हो गई. जिसने विरोध किया उसे दावा आपत्ति के प्रपत्र 8 ,14 व 21 के चक्रव्यूह में उलझाकर बेलदौर से खगड़िया कार्यालय तक का चक्कर लगाने को विवश कर दिया. इस दौरान जिला सचिव शैलेंद्र वर्मा ने कहा कि बिहार विशेष सर्वेक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर रैयतों के साथ धांधली की गई है. जिस कारण बंदोबस्त पदाधिकारी और सहायक शिविर प्रभारी बेलदौर द्वारा पचास हजार एकड़ किसानों की जमीन सरकारी घोषित कर दिए गए हैं. जबकि बेलदौर अंचल में सर्वे कार्य अभी तक आधा अधूरा ही हुआ है. नौ मौजे में सरवस्ता खेसरा के कारण सर्वे कार्य को रोक दिया गया है. शेष मौजे में दावा आपत्ति पत्र लिया जा रहा है. इन्होंने बताया कि सर्वे कार्य में सुधार करने की मांग पर जिला बंदोबस्त पदाधिकारी के बयान से रैयतों को शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना महसूस हो रही है. उन्होंने कहा कि पूरे जिले में परिमार्जन के नाम पर बड़े पैमाने पर लूट खसोट जारी है. कहा कि रैयतों के हित में चरणबद्ध आंदोलन करेंगे. चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते बिहार सरकार रैयतों को परेशान करने वाले पदाधिकारी पर कार्रवाई करें. ताकि किसान आर्थिक शोषण दोहन से मुक्त हो सके. उनकी जमीन सुरक्षित रह सके. सर्वे से वंचित रहे रैयतों से अपील किया है कि सर्वे अधिकारी व उनके कर्मी के धमकी से नहीं डरें. बिहार सरकार के पदाधिकारी से डटकर मुकाबला करने को तैयार रहे. भारतीय किसान महासंघ किसान रैयत व पर्चाधारियों के हक हकुक के लिए चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेगी. इन्होंने बताया कि हवाई सर्वे को धरातल पर पुरी ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ उनके पुरखों की जमीन को सुरक्षित किया जाना था. लेकिन सरकार व अधिकारियों की गलत मंशा से भू सर्वेक्षण का कार्य भी हवा हवाई ही चल रहा है. इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मौके पर कोषाध्यक्ष मनोहर शर्मा, प्रखंड सचिव सुधीर प्रसाद सिंह, जिला कमेटी के सदस्य नारायण मुखिया आदि मौजूद थे.

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