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Home बिहार कटिहार बड़े स्तर पर आजीविका मॉडल को केंद्र में रख कर कार्य करें: डीएम

बड़े स्तर पर आजीविका मॉडल को केंद्र में रख कर कार्य करें: डीएम

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बड़े स्तर पर आजीविका मॉडल को केंद्र में रख कर कार्य करें: डीएम

जीविका के कार्यो की समीक्षा कर दिये कई निर्देश कटिहार. समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बुधवार को जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में जीविका के कार्यो को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी. बैठक में डीएम ने निर्देश दिया कि जीविका के अंतर्गत संचालित आजीविका गतिविधियों को “बिग मॉडल” के रूप में बड़े स्तर पर विस्तारित किया जाय. छोटे-छोटे और बिखरे हुए प्रयासों के बजाय ब्लॉक एवं क्लस्टर स्तर पर उच्च प्रभाव वाले आजीविका मॉडल विकसित किए जाये. जिससे अधिक संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जुड़ सकें तथा उसके आय में सतत वृद्धि हो सके. प्रखंडवार स्केल-अप प्लान तैयार करें एवं प्रत्येक ब्लॉक में दो-तीन प्रमुख (फ्लैगशिप) आजीविका मॉडल चिन्हित करें. संबंधित विभागों एवं योजनाओं से अभिसरण सुनिश्चित करें. आजीविका गतिविधियों में मूल्य संवर्धन किया जाय। ताकि उत्पादों की गुणवत्ता, मांग और लाभ में वृद्धि हो सके. प्रोसेसिंग, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दें. सभी मौजूदा आजीविका गतिविधियों का मैपिंग कर मूल्य संवर्धन की संभावनाएं चिन्हित करें. डीएम ने विशेष एवं अभिनव (इनोवेटिव) आजीविका गतिविधियां शुरू करने का निर्देश दिया. जिससे जीविका के उत्पादों की अलग पहचान बने. डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि सीमित सेल्फ लाइफ वाले उत्पादों के लिए विशेष रूप से ब्रांडिंग एवं ऑनलाइन शॉपिंग सुविधा विकसित की जाय. इससे बाजार तक त्वरित पहुंच और बेहतर मूल्य सुनिश्चित हो सके. सूक्ष्म वित्त थीम के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्य के विरुद्ध एसएचजी के बैंक बचत खाता खुलवाने एवं ऋण वितरण का निर्णय, एकल उद्दयम ऋण की प्रगति को बढ़ाने का निर्देश दिया गया. इसके लिए बैंक में लंबित आवेदन, एमएफआई संस्थाओं द्वारा ऋण वितरण में सिविल को अनिवार्य करने, रिक्त सी. एस. पी. पॉइंट के लिए रिक्त केन्द्रों में शीघ्र स्थापना पर डीएलसीसी की बैठक में चर्चा को लेकर निर्देश दिया गया. लक्ष्य के अनुसार समूह एवं ग्राम संगठन ऑडिट मार्च 2026 तक पूर्ण कराने का निर्देश डीएम ने दिया. गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच का निर्देश उन्होंने ने जीविका भवन की वर्तमान प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इसकी अद्यतन स्थिति रिपोर्ट (निर्माण की प्रगति, लंबित कार्य, समय-सीमा) तैयार कर प्रस्तुत की जाय. ग्रामीण विकास मंत्री के भ्रमण में प्राप्त निर्देश के अनुपालन के लिए डीएम ने निर्देश दिया कि जीविका भवन के ऊपर सुपर स्ट्रक्चर निर्माण के संबंध में सीईऔ जीविका को औपचारिक पत्र भेजा जाय. मातृ‑शिशु पोषण विषय पर प्रस्तुत स्लाइड को संतोषजनक बताते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य पोषण थीम के अंतर्गत प्रसव पूर्व जांच को और अधिक सुदृढ़ करें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव पूर्व जांच अनिवार्य रूप से करायी जाय और इसकी शत‑प्रतिशत उपलब्धि हो. डीएम ने निर्देश दिया कि प्रत्येक थीम एवं प्रत्येक स्लाइड में राज्य रैंकिंग अनिवार्य रूप से जोड़ी जाय. जिससे जिले की स्थिति एवं प्रगति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो सके. मखाना प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना पर जोर बैठक में डीएम ने निर्देश दिया कि सतत जीविकोपार्जन योजना के ऐसे लाभार्थियों की सूची उपलब्ध करायी जाय. जिनके पास वर्तमान में शौचालय उपलब्ध नहीं है. उन सभी के घरों में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत शौचालय का निर्माण कराया जायेगा. स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी सतत जीविकोपार्जन के लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनाया जाय और कोई भी लाभार्थी इससे वंचित न रहे. उन्होंने राशन कार्ड से वंचित एसजीवाई लाभार्थियों की अलग सूची तैयार की जाय. ताकि आवश्यक अभिसरण किया जा सके. डीएम ने लंबित मखाना प्रोसेसिंग यूनिट उद्योग विभाग से सहमति प्राप्त करते हुए मखाना से संबंधित प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना जिला स्तर पर जल्द से जल्द करने के लिए आवश्यक निर्देश.

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