[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार कटिहार डायवर्सन बिना बनाये ही खोद दी सड़क, राहगीर बेहाल

डायवर्सन बिना बनाये ही खोद दी सड़क, राहगीर बेहाल

0
डायवर्सन बिना बनाये ही खोद दी सड़क, राहगीर बेहाल

डंडखोरा बस्तौल-सोनैली मुख्य मार्ग से जुड़ने वाली ग्रामीण सड़क पर बौरा के समीप पुल निर्माण कार्य इन दिनों लोगों के लिए सुविधा से ज्यादा मुसीबत बन गयी है. निर्माण कार्य के नाम पर सड़क को बीचों-बीच खोद तो दिया गया. लेकिन डायवर्सन बनाना शायद संवेदक को जरूरी नहीं लगा.हालात ऐसे हैं कि सड़क पूरी तरह बाधित हो चुकी है. हैरानी की बात तो यह है कि सड़क के दोनों ओर कोई साइन बोर्ड तक नहीं लगाया गया है. ताकि राहगीरों को वैकल्पिक रास्ते की जानकारी मिल सके. यह मान लिया गया हो कि जनता खुद ही रास्ता खोज लेगी. डायवर्सन नहीं होने के कारण लोग खेतों के रास्ते गड्ढों को पार कर अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे है. कई बाइक सवार गिरकर चोटिल हो चुके है. हर दिन कोई न कोई इस अव्यवस्था का शिकार हो रहा है. जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. बड़े वाहनों से लेकर स्कूली कर्मचारी और मासूम बच्चे तक इस लापरवाही की कीमत चुका रहे है. सवाल यह उठता है कि क्या पुल निर्माण का मतलब जनता को परेशानी में डालना है. अगर निर्माण कार्य जरूरी है तो क्या डायवर्सन बनाना और चेतावनी बोर्ड लगाना नियमों में शामिल नहीं है. फिलहाल पुल बनने में कितना समय लगेगा. यह तो आने वाला वक्त बतायेगा. लेकिन तब तक राहगीरों के लिए यह रास्ता किसी ‘एडवेंचर ट्रैक’ से कम नहीं है. अब देखना यह है कि संबंधित विभाग और संवेदक कब नींद से जागते हैं और जनता को राहत मिलती है. संबंधित अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि किसी व्यक्ति का निजी जमीन है. उसने अपने जमीन पर डायवर्सन नहीं बनने देते है. स्थानीय मुखिया व अन्य लोग बात कर जल्द समाधान निकाला जायेगा.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel