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शहर से गांव तक मिलावटी मिठाइयां खाकर बीमार हो रहे लोग

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शहर से गांव तक मिलावटी मिठाइयां खाकर बीमार हो रहे लोग

– खाद्य पदार्थों में जमकर की जा रही मिलावट, देखने व जांच करने वाला नहीं है कोई – इस दिशा में न अधिकारी कुछ बोलते हैं न ही जनप्रतिनिधि जुबान खोल रहे कटिहार अपने ज्यादा मुनाफा के लिए मुनाफा खोरो के द्वारा धड़ल्ले से खाद्य पदार्थों के समान में बड़े पैमाने पर मिलावटी कर रहे हैं. इस मिलावटी के कारण लोगों की जेब कट रही है. बल्कि मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से इनका सीधा असर स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है. दरअसल जिले में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक मिलावटी का खेल धड़ल्ले से जारी है. किसी पर्व त्यौहार में यह मिलावटी का खेल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. जिले में मिलावट का खेल करने वाले मुनाफा खोरो के उपर लगाम लगाने के लिए जिला में खाद्य सुरक्षा विभाग ही सक्रिय नहीं है. ऐसे तो सभी विभाग अपना-अपना कार्य करती है. सभी विभागों का अपना कार्यालय भी जिला स्तर पर मौजूद है. लेकिन सबसे अहम जो विभाग इस मिलावट करने वाले लोगों के ऊपर लगाम लगा सके खाद्य सुरक्षा विभाग जिला में अवस्थित ही नहीं है. हां यह बात सही है कि खाद्य सुरक्षा को लेकर एक अधिकारी जरूर नियुक्त है. सूत्रों के अनुसार तीन-चार जिलों के पदभार में अपनी सेवा दे रहे हैं. ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक सिंगल अधिकारी किस तरीके से खाद सुरक्षा को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाते होंगे. जिला प्रशासन भी मूक दर्शक बना हुआ है. जांच के लिए कभी भी कोई पदाधिकारी बाजार में नहीं निकलते हैं. बस इसी का फायदा उठाते हुए पूरे जिले में खाद पदार्थों के वस्तुओं में बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल जारी है. खाद्य सुरक्षा को लेकर जिले में अधिकारी तो नियुक्त है. लेकिन पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड लिया जाए तो जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर कोई भी खाद सामग्री का जांच नहीं किया गया है. जांच के नाम पर किसी के ऊपर कार्रवाई नहीं हुई है. जिसका फायदा बखूबी मिलावट करने वाले उठा रहे हैं. मिलावट की बात करें तो हर खाद सामग्री घर के सरसों तेल से लेकर दूध, पनीर, घी, मिठाई यहां तक की सब्जी को केमिकल में डूबो कर बाजार में बिक्री की जा रही है. इन मिलावटी करने वाले लोगों को खाद सुरक्षा अधिकारियों का कोई भी डर भय नहीं है. जब जांच ही नहीं होगी तो किसका डर, जिसका पूरा फायदा मिलावट करने वाले उठा रहे हैं. पूजा त्यौहार में मिठाइयों में होती है बड़ी मिलावट नहीं होती है कभी भी जांच कोई भी पूजा त्यौहार जब आता है तो सबसे ज्यादा मिठाइयों की खरीदारी खूब होती है. इसलिए खास करके पूजा त्यौहार के मौके पर सबसे ज्यादा मिठाइयों में मिलावट होती है. लेकिन इसकी जांच को लेकर कोई भी अधिकारी सामने नहीं आते हैं. आगे रक्षाबंधन का त्यौहार है. जहां बहुत बड़े पैमाने पर मिठाइयों की खरीदारी होगी. मिठाई के नाम पर मुनाफाखोरों ने इसकी पहले ही तैयारी कर ली है. अपने मुनाफे के लिए दुकानदार मिठाई नहीं बल्कि मिलावट का जहर खरीदारों को परोसते हैं. खरीदारी करने वाले भी क्या करें उन्हें जो बाजार में मिलता है. वह खरीदारी करने के लिए मजबूर है. इस मिलावटी मिठाइयों की जांच करने वाला कोई भी अधिकारी जांच करने के लिए नहीं पहुंचता है. मिलावट करने वाले लोगों की हौसले बुलंद रहते हैं. दूध के नाम पर केमिकल मिला हुआ दूध तैयार किया जाता है. उनसे मिठाई बनाई जाती है. 200 रु से लेकर हजार रुपए से ऊपर की मिठाई बाजार में उपलब्ध होती है. लेकिन इसकी गुणवत्ता की जांच करने वाला कोई नहीं होता. कुछ चुनिंदा दुकानदार ही मिलावट करने से तौबा करते हैं. लेकिन ज्यादातर दुकानदार अपने मुनाफे के लिए मिलावट करने से पीछे नहीं हटते जहां मिठाई के नाम पर लोग मीठा जहर खाने के लिए मजबूर है. मिलावटी मिठाई खाने से शरीर में कई नुकसान ऐसे मिलावटी कोई भी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से उससे शरीर को नुकसान ही पहुंचता है. आगे रक्षाबंधन के त्यौहार में बाजार में कई तरह की मिठाई की खरीदारी होगी. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि हर साल की तरह इस साल भी मिठाई की गुणवत्ता की जांच करने वाले अधिकारी पहुंचने वाले नहीं है. जिस कारण से मिलावट का खेल बशर्ते जारी ही रहेगा. इस संदर्भ में सदर अस्पताल के चिकित्सक की माने तो मिलावटी मिठाई खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. नकली मिठाई में मिलाए गए घटिया तेलों के कारण लंबे समय तक बदहजमी हो सकती है. लंबे समय तक नकली मिठाई खाने से किडनी स्टोन होने की संभावना बढ़ जाती है. लिवर और हार्ट पर भी इनका असर परता है. मिठाई में मिलाए गए घटिया तेलों के कारण कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है. जिससे लिवर और हार्ट पर बुरा असर पड़ सकता है. मिठाई में मिलाए गए रंगीन एजेंटों से स्किन एलर्जी भी हो सकती है. खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने नहीं उठाया फोन कटिहार जिला में पदस्थापित खाद्य सुरक्षा अधिकारी इकबाल को मोबाइल नंबर 9955826712 पर पक्ष जानने के लिए लगातार फोन किया गया. पर उन्होंने फोन रिसिव नहीं किया. जिसके कारण उनका पक्ष नहीं रखा जा सका है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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