[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार कटिहार गीला व सूखा कचरा प्रबंधन को लेकर छात्र-छात्राओं को किया जागरूक

गीला व सूखा कचरा प्रबंधन को लेकर छात्र-छात्राओं को किया जागरूक

0
गीला व सूखा कचरा प्रबंधन को लेकर छात्र-छात्राओं को किया जागरूक

डंडखोरा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय संगत टोला में इको क्लब की ओर से शनिवार को कचरा प्रबंधन विषयक पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को गीला एवं सूखा कचरा की पहचान, उसके पृथक्करण तथा सही निपटारे के तरीकों की जानकारी दी गयी. विद्यालय परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम प्रधानाध्यापक लालबिहारी पासवान की देखरेख में संपन्न हुआ. कार्यक्रम के दौरान इको क्लब की नोडल शिक्षिका ज्योति कुमारी ने बच्चों को सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समझाया कि दैनिक जीवन में निकलने वाले कचरे को अलग-अलग रखना क्यों आवश्यक है. उन्होंने बताया कि रसोई से निकलने वाले जैविक पदार्थ जैसे फल-सब्जियों के छिलके, पत्तियां एवं भोजन अवशेष गीले कचरे की श्रेणी में आते है. प्लास्टिक, कागज, बोतल एवं रैपर जैसे पदार्थ सूखे कचरे में शामिल होते है. उन्होंने बच्चों को यह भी बताया कि गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जा सकती है, जो पेड़-पौधों एवं खेती के लिए उपयोगी होती है. सूखे कचरे को रिसाइक्लिंग के माध्यम से दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है. विद्यालय परिसर में ही कचरे को अलग-अलग एकत्र करने एवं उसके सुरक्षित निपटारे का प्रदर्शन कर बच्चों को व्यवहारिक जानकारी दी गयी. प्रधानाध्यापक लालबिहारी पासवान ने कहा कि स्वच्छता केवल एक आदत नहीं. बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है. यदि बच्चे अभी से स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करेंगे तो आने वाला समाज अधिक जागरूक एवं स्वस्थ बनेगा. मनोज जायसवाल, संजीव कुमार साह, कुमारी सुलोचना, सबा तरन्नुम, शीतल कुमारी, तबस्सुम आरा, सोनु कुमार, विष्णुदेब रॉय भी उपस्थित रहे.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel