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रमजान का चांद का हुआ दीदार, आज से शुरू हुआ रोजा

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रमजान का चांद का हुआ दीदार, आज से शुरू हुआ रोजा

फलका पवित्र इस्लामी माह रमजान का चांद बुधवार को दिखाई दिया. जिसके बाद गुरुवार से मुस्लिम समुदाय के लोग एक माह तक रोजा रखेंगे. रमजान का महीना इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना होता है. जिसे इबादत, रोजा, कुरान की तिलावत और अल्लाह की रहमतों का महीना माना जाता है. रमजान के दौरान मुस्लिम भाई-बहन सुबह सेहरी करके दिनभर बिना खाना-पानी के रहते हैं. शाम को इफ्तार के समय रोजा खोलते हैं. रोजा सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है. बल्कि इसमें आत्मसंयम, ईमानदारी, परोपकार और अल्लाह की इबादत पर जोर दिया जाता है. मस्जिदों और घरों में विशेष नमाज तरावीह पढ़ी जाती है. कुरान शरीफ की तिलावत की जाती है. रमजान का आखिरी अशरा (दस दिन) बहुत खास माना जाता है. जिसमें शबे कद्र की रात आती है. यह रात हज़ार महीनों की इबादत के बराबर मानी जाती है. रमजान के समापन पर ईद-उल-फितर का त्यौहार मनाया जाता है. जिसमें खास नमाज अदा की जाती है और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी जाती है. ईद से पहले फितरा (जरूरतमंदों की मदद) देना अनिवार्य होता है. जिससे सभी लोग ईद की खुशी में शामिल हो सके. रमजान की शुरुआत के साथ ही बाजारों में खजूर, फल, सूखे मेवे, इफ्तार के सामान की खरीदारी भी बढ़ गई है. सेहरी व इफ्तार के समय विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जाते हैं. जिनमें खासतौर पर खजूर, फल, फालूदा, शरबत, पकौड़े और कबाब शामिल होते हैं.

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