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निजी विद्यालय प्रबंधन की खुली लूट की छूट पर विराम लगायें

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निजी विद्यालय प्रबंधन की खुली लूट की छूट पर विराम लगायें

– पढ़ाई के नाम पर लूट की छूट पर विराम लगाने की मांग डीएम से की निजी विद्यालय प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ अभिभावक संघ डीएम से मिला कटिहार बिहार रेगुलेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल फीस एक्ट 2029 एवं केन्द्र सरकार द्वारा पारित कानून शिक्षा का अधिकार 2009 में पारित धाराओं में परिभाषित नियमों का कटिहार में प्राइवेट स्कूलों द्वारा उल्लंघन को लेकर अभिभावक संघ कटिहार ने गुरुवार को डीएम आशुतोष द्विवेदी से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा है. अभिभावक संघ के अध्यक्ष समरेन्द्र कुणाल के नेतृत्व में अभिभावकों ने डीएम से मिलकर निजी विद्यालय प्रबंधन द्वारा पठन पाठन के नाम पर खुली लूट की छूट पर विराम लगाने की मांग की. उनलोगों ने डीएम को अवगत कराया कि विधि द्वारा स्थापित कानून बिहार रेगुलेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल फीस एक्ट 2019 की धारा चार एवं सात में परिभाषित नियमावली का निजी स्कूलों द्वारा वषों से उल्लंघन किया जा रहा है. स्कूल का डेवलपमेंट को आधार बनाकर वार्षिक शुल्क व किताब कॉपी, ड्रेस, स्कूल बैग आदि पठन पाठन सामग्री के नाम पर छात्र- छात्राओं के अभिभावकों से भारी भरकम राशि वसूली जा रही है. छात्र छात्राओं से सम्बंधित स्कूलों का परिसर या स्कूल प्रबंधन द्वारा चिन्हित दुकानों से ही किताब, कॉपी, ड्रेस स्कूल बैग आदि सामग्री खरीदने के लिए बाध्य कर दिया गया है. नतीजनत अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य के चक्कर में लूटे जा रहे हैं. सैकड़ों अभिभावक तो ब्याज पर कर्ज लेकर इस तरह का अवैध अधिभार उठाने को विवश हैं. बताया कि स्कूलों की मनमानी इतनी चरम पर है कि अगर कोई अभिभावक इसका विरोध करते हैं तो उनके बच्चों को परेशान किया जाता है. डीएम से उनलोगों ने मांग किया कि वार्षिक फीस पर पूर्णत: रोक लगायी जाये. स्कूल या स्कूल द्वारा चिन्हित दुकानों से किताब कॉपी, स्कूल बैक, ड्रेस आदि पठन-पाठन की सामग्री खरीदने के लिए बाध्यता पर रोक लगायी जाये. हर वर्ष स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि का जला प्रशासन द्वारा समीक्षा की जाये. स्कूलों द्वारा छात्र छात्राओं का फीस या अन्य किसी भी प्रकार का फीस भुगतान ऑनलाइन लिया जाये, 25 प्रतिशत आरक्षण का नियम भी निजी स्कूलों में अनुपालन नहीं किया जा रहा है. शिक्षक छात्र अनुपात, प्राथमिक स्तर पर 30:01 और उच्च प्राथमिक स्तर पर 35:01 का अनिवार्य अनुपालन को पूरा नहीं किया जा रहा है. सरकार द्वारा निर्धारित एनसीआरटी की किताबों की जगह किसी निजी प्रकाशन के किताबों को भारी कीमतों पर खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है. स्कूलों के प्राइवेट साइंस लैग, गणित लैब, स्पोर्टस लैब, स्मार्ट क्लास आदि अतिरिक्त शैक्षणिक सुविधाओं का समय समय पर जिला प्रशासन द्वारा जांच कराया जाये. हर वर्ष विधि द्वारा स्थापित कानून बिहार रेगुलेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल फीस एक्ट 19 एवं केन्द्र सरकार द्वारा कानून शिक्षा का अधिकार 2009 के अंतर्गत धाराओं के आलोक में पारित नियमावली स्कूल प्रबंधन एवं अभिभावकों के साथ जिला प्रशासन संयुक्त बैठक कर अवलोक किया जाये. इस अवसर पर भूषण सिंह, अनिल सिंह, सिकंदर उरांव, राखी यादव, मुनील आलम, गुड्डू खान, प्रीतम सिंह, गोपाल सिंह, अंकित मंडल, अफरोज, विक्रम मंडल, मुन्ना सिंह समेत दर्जनो लोग मौजूद थे.

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