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Home बिहार कटिहार कला धरोहर के तहत कार्यशाला व कला प्रदर्शन का आयोजन

कला धरोहर के तहत कार्यशाला व कला प्रदर्शन का आयोजन

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कला धरोहर के तहत कार्यशाला व कला प्रदर्शन का आयोजन

कोढ़ा. मीराबाई के 525वीं जयंती के शुभ अवसर पर जवाहर नवोदय विद्यालय कॉलेज कटिहार द्वारा मीराबाई पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला एवं कला प्रदर्शन का द्वितीय दिवस के कार्यक्रम को आयोजित किया गया. यह दो दिवसीय कार्यशाला एवं कला प्रदर्शन कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हो गया. जिसमें संगीत राष्ट्रीय नाट्य अकादमी नई दिल्ली के सुप्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत गायिका रंजन झा व उनके समूह के अन्य सदस्य हीरा कुमार झा, तबला वादक सलीम, बांसुरी दिव्य चेतन एवं उनके जोड़ी को आमंत्रित किया गया. सर्वप्रथम प्रथम दिवस को सिखाए गये मीरा के कुछ पदों में से एक पद ( मोहे लागी लगन गुरु चरनन) सोए गाने के लिए कहा विद्यार्थियों में बिना किसी सहायता कर उसे बहुत अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया जो इस कार्यक्रम के आयोजन के उद्देश्यों की सफलता को सिद्ध करता है. प्रांत मीरा के कई पदों को पहले लिखवाया. जिससे उनके द्वारा इन पदों की प्रस्तुति ही नहीं बल्कि विद्यार्थियों से उन पदों को गंवा कर इन पदों को गाने में उन्हें समर्थ बनाकर कार्यक्रम को केवल आयोजन को स्तर पर ही सफल नहीं बनाना है. बल्कि इसके उद्देश्यों की प्राप्ति ही इस कार्यक्रम की वास्तविक सफलता है. ऐसा करके उद्देश्यों को प्राप्त करना काफी आसान हो जाता है. उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन करके विद्यार्थियों में संगीत के प्रति रुचि जागृत किया तथा जिन विद्यार्थी की रुचि संगीत के प्रति पहले से ही है. उसको वृद्धि कर उसकी रुचि का विकास किया. जिन विद्यार्थियों की संगीत में विशेष रुचि (अभिरुचि उन्हें उन्होंने इसके लिए अभिप्रेरित किया तथा ऐसे विद्यार्थियों जिनकी वाक्यों से ही नहीं बल्कि तबले खंजरी बांसुरी आदि समस्त वाक्यों से बजबाया जा सकता है. इसी क्रिया को उन्होंने पहले तबला, खंजरी और अंत में बांसुरी से कराया. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से मीरा के पदों को गवाने के दौरान यह महसूस किया कि वे वाद्यों को बजाने के लिए उचित ठहराव नहीं दे पा रहे है. उन्होंने विद्यार्थियों को संगीत में सम, ठहराव एवं उनके महत्व को बाड़े ही अच्छे ढंग से इन क्रियाओं को करते हुए समझाया और उसका बार-बार अभ्यास कराया. कार्यक्रम में जान डालने तथा विद्यार्थियों को उपस्थित करने के लिए मैथिली गीत तथा कुछ अन्य प्रसिद्ध गीतों को प्रस्तुत किया. जिससे विद्यार्थी ही नहीं बल्कि सभागार में बैठे हर एक व्यक्ति झूम उठा. विद्यालय के प्राचार्य डॉ ब्रजेश कुमार विद्यालय के छात्र व छात्राओं तथा कर्मचारियों एवं सभागार में उपस्थित अन्य व्यक्तियों का धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम के समापन की.

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