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Home बिहार कटिहार कैंसर से जंग हार गए मदरसा शिक्षक मसूद आलम, क्षेत्र में शोक की लहर

कैंसर से जंग हार गए मदरसा शिक्षक मसूद आलम, क्षेत्र में शोक की लहर

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कैंसर से जंग हार गए मदरसा शिक्षक मसूद आलम, क्षेत्र में शोक की लहर
दिवंगत मदरसा शिक्षक मोहम्मद मसूद आलम. (फाइल फोटो)

कटिहार के कोढ़ा से अमीर सोहेल की रिपोर्ट

Masood Alam Madrasa Teacher: कोढ़ा प्रखंड के संदलपुर पंचायत स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमीन के हाफिज शिक्षक मोहम्मद मसूद आलम का कैंसर से लंबी जंग के बाद निधन हो गया. उनके असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. परिवार, छात्रों, ग्रामीणों और मदरसा से जुड़े लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

डेढ़ वर्ष तक बीमारी से किया संघर्ष

जानकारी के अनुसार मोहम्मद मसूद आलम पिछले करीब डेढ़ वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. लंबे समय तक इलाज के बाद उन्होंने 25 जून 2026 की देर शाम अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया.

15 वर्षों तक बच्चों को दी तालीम

स्थानीय ग्रामीण शाहिद इकबाल, शाहजहां आलम, परवेज आलम, मोहम्मद नजीर सहित अन्य लोगों ने बताया कि मसूद आलम पिछले करीब 15 वर्षों से मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमीन, संदलपुर में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे थे. उन्होंने बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक संस्कार और बेहतर इंसान बनने की सीख भी दी. उनके सरल स्वभाव और समर्पित कार्यशैली के कारण वे छात्रों और ग्रामीणों के बीच काफी सम्मानित थे.

पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए

मोहम्मद मसूद आलम अपने पीछे पत्नी, दो छोटी बेटियों और एक छोटे बेटे सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. कम उम्र में उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. पिता का साया उठ जाने से बच्चों का भविष्य भी लोगों की चिंता का विषय बना हुआ है.

क्षेत्र ने खोया एक समर्पित शिक्षक

ग्रामीणों ने कहा कि मसूद आलम केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणास्रोत थे. शिक्षा और समाज सेवा के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा. उनके निधन से मदरसा परिवार और पूरे क्षेत्र को अपूरणीय क्षति पहुंची है.

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