मुख्य बातें:
कटिहार के मनसाही से ललित कुमार की रिपोर्ट
Kuretha Damaged Road: कटिहार जिले के मनसाही प्रखंड अंतर्गत ग्रामीण सड़क अवसंरचना की बदहाली और संवेदक की घोर लापरवाही का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है. मनिया चौक से कुरेठा को जोड़ने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण 4 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क आज पूरी तरह जर्जर होकर राहगीरों के लिए मौत का रास्ता बन चुकी है. कभी सुगम यातायात का माध्यम रही यह सड़क अब गहरे और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है. इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले सरकारी कर्मचारियों, रेल कर्मियों, बैंक स्टाफ और आम ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है. संवेदक द्वारा कार्य लटकाए जाने के कारण क्षेत्र में कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है.
गड्ढों में तब्दील हुई सड़क; नवंबर 2025 से लटका है मरम्मत का काम
- बारिश में झील का नजारा: स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क पर बने गड्ढे इतने गहरे हैं कि थोड़ी सी भी बारिश होने पर ये पानी से लबालब भरकर तालाब या झील का रूप ले लेते हैं. पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे दोपहिया और छोटे चारपहिया वाहनों के पलटने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है.
- कागजों पर शुरू, धरातल पर शून्य: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मनिया के समीप विभाग द्वारा सड़क निर्माण का एक आधिकारिक सूचना बोर्ड भी लगाया गया है. इस बोर्ड पर कार्य आरंभ करने की तिथि 20 नवंबर 2025 अंकित है. यानी कई महीने पहले ही काम शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार की मनमानी के चलते अब तक काम शुरू नहीं हो सका है.
- त्रिमूर्ति इनफ्राकॉन पर आरोप: ग्रामीणों के अनुसार, इस पूरी सड़क के जीर्णोद्धार और निर्माण का जिम्मा “त्रिमूर्ति इनफ्राकॉन एंड ट्रेडर्स” नामक कंपनी को दिया गया है, जो बोर्ड टांगकर गायब है.
दफ्तर जाने वाले और मरीज बेहाल; बेलगाम संवेदक पर फूटा गुस्सा
करोड़ों की लागत से बनी सड़क के कुछ ही वर्षों में उखड़ जाने और विभागीय अधिकारियों की चुप्पी को लेकर स्थानीय नागरिक समाज में गहरा असंतोष है.
क्षेत्र के जागरूक ग्रामीणों अवधेश प्रसाद यादव, गणेश चौधरी, छोटू कुमार गोस्वामी, रविशंकर तिवारी, अनूप लाल ऋषि, विजय कुमार राम, हरेराम राय, संजय सिंह, रंजीत राय, मनोज उरांव, गोपाल सिंह, भोला उरांव, मनोज यादव और डॉ. योगेश कुमार सहित दर्जनों लोगों ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की शह या अनदेखी के कारण संवेदक पूरी तरह बेलगाम हो चुका है. स्कूली बच्चों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए भी यह रास्ता अब अभिशाप बन चुका है.
Kuretha Damaged Road: मुख्यमंत्री और जिला पदाधिकारी से होगी शिकायत; उग्र आंदोलन की रूपरेखा
बरसात का मौसम करीब आने से पहले यदि सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति बेहद भयावह हो सकती है.
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले की त्वरित उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी संवेदक “त्रिमूर्ति इनफ्राकॉन एंड ट्रेडर्स” के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. ग्रामीणों ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि युद्ध स्तर पर अविलंब सड़क का मरम्मती कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से जिलाधिकारी कटिहार और मुख्यमंत्री बिहार को लिखित शिकायत भेजेंगे. साथ ही, क्षेत्र की जनता मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर उग्र आंदोलन और प्रशासनिक घेराबंदी करने को विवश होगी.
