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Home बिहार कटिहार सीखने के प्रति ललक व गंभीर होने पर जीवन में बढ़ेंगे आगे: कुलपति

सीखने के प्रति ललक व गंभीर होने पर जीवन में बढ़ेंगे आगे: कुलपति

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सीखने के प्रति ललक व गंभीर होने पर जीवन में बढ़ेंगे आगे: कुलपति

– कार्यशाला में शोधार्थियों के लिए टॉपिक चयन को कुलपति ने सराहा – तीन दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन डीएस कॉलेज पहुंचे पीयू कुलपति – दस मिनट के संबोधन में छात्रों को आगे बढ़ने को बताये कई टिप्स प्रतिनिधि, कटिहार डीएस कॉलेज की गैलेरी वन में शनिवार को तीसरे दिन शोध के संदर्भ प्रबंधन उपकरण पर कार्यशाला में पूर्णिया कुलपति डॉ विवेकानंद सिंह ने करीब दस से पन्द्रह मिनट के संबोधन में छात्रों के विकास व शिक्षकों को तत्पर होकर पढ़ाने पर प्रकाश डाला. कार्यशाला के लिए चुने गये टॉपिक की उन्होंने सराहना की. उपलब्ध कराये गये व्यवस्था पर डीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय कुमार सिंह की प्रशंसा की. शोधार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि अगर सीखने की ललक और गंभीर होकर मेहनत किया जाये तो वे जीवन में अवश्य आगे बढ़ेंगे. बताया कि युग एडवांस होते जा रहा है. कम्प्यूटर ज्ञान सभी को जरूरी है. वे लोग इस टॉपिक पर पढ़ा भी रहे हैं. शोधार्थियों को थोड़ा और कोशिश करने की जरूरत है. इस दौरान एमएस वर्ड को लेकर शोधार्थियों छात्रों शिक्षकों को बारीकी से समझाया. रिसर्च व शोध पेपर को अपने से टाइप करने की सलाह दी. ऐसा इसलिए कि टाइप करने के बाद वह वर्ड शोधार्थियों का हमेशा के लिए हो जायेगा. बताया कि बच्चों की नयी सोच नयी कल्पना से शिक्षक सीखते हैं. उन्हें और अधिक जानकारी उपलब्ध कराते हैं. संबोधन के दौरान उन्होंने अपने साथ हुए कई खट्टी मिट्ठी यादों को अवगत कराया. शिक्षकों को बताया कि अगर एक शिक्षक एक छात्र को भी समाज में बेहतर बना दें तो यह उनके लिए महानता होगी. छात्रों को बेझिझक फ्रेंडस, शिक्षकों के बीच किसी टॉपिक काे लेकर बहस करने की बात कही. इससे जानकारी बढ़ती होती है. इससे पूर्व पूर्णिया विवि के कुलसचिव डॉ अनन्त प्रसाद गुप्ता ने आयोजित कार्यशाला के सदस्यों की भरपूर सराहना की. उन्होंने डीएस कॉलेज की उपलब्धियों को भी विस्तार से बताया. एनसीसी इकाई ने दी गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी पीयू के कुलसचिव डॉ अनंत प्रसाद गुप्ता करीब सवा तीन बजे डीएस कॉलेज में पहुंचे. इनके पहुंचने के पन्द्रह मिनट बाद पूर्णिया विवि के कुलपति डॉ विवेकानंद सिंह पहुंंचे. डीएस कॉलेज एनएसीसी इकाई द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दी गयी. इसके बाद वे सीधे प्राचार्य कक्ष पहुंचे. जहां उन्हें शॉल ओढ़ाकर व बुके देकर स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने बारी बारी से शिक्षक, कर्मचारियों से परिचयपाति भी कराया गया. परिचयपाती के बाद वे गैलेरी नम्बर वन में पहुंचे. जहां तीन दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन दीप जलाकर शुरूआत की. इस मौके पर कॉमर्स विभाग के डॉ भरत मेहर, अंग्रेजी विभाग के डॉ सुमित सिंघा, डॉ अभिषेक आनन्द, डॉ स्वामीनंदन, डॉ मदन झा, डॉ विलास कुमार झा, डॉ अनवर हुसैन, प्रो एसके उपाध्याय, डाॅ शीला, डॉ पंकज कुमार, प्रधान सहायक डॉ एए ओंकार, शंभू कुमार यादव समेत कई शोधार्थी मौजूद थे.

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