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Home बिहार कटिहार बैरिया में बाढ़ संघर्षात्मक कार्य में हो रही खानापूर्ति, डीएम से जांच की मांग उठी

बैरिया में बाढ़ संघर्षात्मक कार्य में हो रही खानापूर्ति, डीएम से जांच की मांग उठी

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बैरिया में बाढ़ संघर्षात्मक कार्य में हो रही खानापूर्ति, डीएम से जांच की मांग उठी

आजमनगर महानंदा के जलस्तर में हो रही वृद्धि से प्रखंड क्षेत्र के बैरिया घाट में हो रहे भीषण कटाव को रोकने के लिए संघर्षात्मक कार्य किया जा रहा है. कटाव के कारण गांव के दो हजार से अधिक लोगों का भरोसा बांध विभाग के अधिकारियों से अब उठने लगा है. जिसके बाद कई अधिकारी निरीक्षण के लिए कटाव स्थल पर पहुंचे. तत्पश्चात कटाव को रोकने के लिए एक करोड़ से अधिक रुपए कि लागत संघर्षात्मक कार्य शुरू किया गया है. कटाव निरोधक कार्य स्थल पर लाभा बाढ़ डिवीजन के विभागीय एसडीओ संतोष प्रसाद सिंह एवं कनीय अभियंता अखिलेश कुमार की मौजूदगी में कार्य किया जा रहा है. कार्य में एनसी बैग, जियो बैग, ईसी बैग व पाइलिंग जो बोरी भर कर नदी में शिफ्टिंग की जा रही है. उसमें बीना नापी के निर्धारित वजन से कम वजन भरी जा रही व बगैर मापी सिलाई की जा रही है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक एक बोरी में 50 केजी बालू भरनी है. लेकिन बालू की जगह मिट्टी भरी जा रही है. महानंदा के बढ़ते जलस्तर का दबाव कितना संघर्ष कर पायेगा और तटबंध को कितनी मजबूती दे पायेगी यह तो वक्त ही बतायेगा. बैरिया गांव को सुरक्षित बचाने की जद्दोजहद में विभाग औने-पौने काम कर बैरिया गांव से निकलना चाहती है. जहां तमाम नियम कायदों को दरकिनार कर आनन-फानन में अनियमितता युक्त कार्य किया जा रहा है. जिसमें कार्य की गुणवत्ता पर लोगों द्वारा सवाल खड़े किए जा रहे हैं. लोग कहते हैं कि यहां पर विभागीय निगरानी नहीं हो रही है. बल्कि विभाग के संरक्षण में गुणवत्ताहीन कार्य किया जा रहा है. एसडीओ बोलने से बचते रहे एसडीओ संतोष प्रसाद सिंह ने कहा कि संवेदक विकास कुमार के द्वारा कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक करोड़ से अधिक की राशि से कार्य हो रहा है. पाइलिंग में पेंट नहीं किया गया है,. ना नापी के बोरी भर दिया गया है. इस पर एसडीओ ने चुप्पी साध ली. कुछ भी कहने से इंकार करते दिखे. जबकि 50 केजी एनसी बैग, ईसी बैग, 126 के जी जियो बैग में होना चाहिए. लेकिन कार्य स्थलपर बिल्कुल विपरीत कार्य किया जा रहा है.

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