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बारिश से किसानों के चेहरे खिले, धान व मखाना को फायदा

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बारिश से किसानों के चेहरे खिले, धान व मखाना को फायदा

हसनगंज . प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार की रात्रि व शुक्रवार की सुबह हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गये हैं. किसानों का मानना है कि इस बारिश का फायदा खरीफ की फसल को मिलेगा. खरीफ सीजन में धान की रोपाई के अलावा मोटे अनाज की बुआई भी की जाती है. बिचड़ा लगे खेतों में पानी भर गया. मानो किसानों के लिए बारिश वरदान साबित हुई है. ऐसे में बारिश के बाद अब किसानों को धान रोपनी के लिए खेत तैयार करने में आसानी होगी. हसनगंज व ढेरुआ पंचायत के किसान अब्दुल वाहिद, प्रमोद यादव आदि ने बताया कि वह धान की नर्सरी पहले ही लगा चुके हैं. अगर बारिश की साथ मिलता रहा तो धान लगाने के लिए खेत की जुताई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी हो जायेगा. किसानों ने बताया कि प्रखंड स्थित करीब सैकड़ों हेक्टेयर खेत में धान की रोपाई की जाती है. किसान अपने खेत में दलहन फसल उगाते हैं. जैसे ही धान की रोपाई का समय आता है. मूंग और सब्जी हटा कर धान की रोपाई कर देते हैं. इससे दोहरा लाभ मिलता है. कालसर पंचायत के किसान महेंद्र प्रसाद, सुबोध विश्वास व जगरनाथपुर पंचायत के किसान शीतल प्रसाद साह आदि ने कहा कि बढ़ती गर्मी व तपिश से लोगों को राहत मिली है. खरीफ फसलों के लिए बारिश की पानी अमृत समान है. कृषि वैज्ञानिक पंकज कुमार ने कहा की मानसून बारिश में लेट हुई. 15 जून तक मानसून इस क्षेत्र में प्रवेश हो जाती थी. बारिश नहीं होने से खासकर धान रोपने वाले किसानों के लिए मुसीबत बनता जा रहा था. धान फसल रोपनी के लिए किसानों को पानी की अधिक मात्रा में जरूरत पड़ती है.

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