[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार कटिहार लिंग अधारित हिंसा की रोकथाम में सबकी सहभागिता जरूरी: अमरेश

लिंग अधारित हिंसा की रोकथाम में सबकी सहभागिता जरूरी: अमरेश

0
लिंग अधारित हिंसा की रोकथाम में सबकी सहभागिता जरूरी: अमरेश

– वृहद आश्रय गृह में लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम पर कार्यशाला का प्रतिनिधि, कटिहार. समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव सह अध्यक्ष महिला एवं बाल विकास निगम के निर्देश के आलोक में शनिवार को स्थानीय वृहद आश्रय गृह बाल देख-रेख संस्थान में लिंग अधारित हिंसा की रोकथाम एवं समाप्ति के एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में गृह में आवासित बालक तथा बालिकाओं के साथ साथ सभी कर्मी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे. लिंग आधारित हिंसा एवं भ्रूण हत्या पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक सुरक्षा सह जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक अमरेश कुमार ने कहा कि लैंगिक असमानता का तात्पर्य लैंगिक आधार पर महिलाओं, किशोरियों एवं बालक-बालिकाओं के साथ भेदभाव से है. परंपरागत रूप से समाज में महिलाओं, किशोरियों एवं बालक-बालिकाओं को कमजोर वर्ग के रूप देखा जाता रहा.है..विभिन्न क्षेत्रों यथा समाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, विज्ञान, मनोरंजन एवं खेल सभी क्षेत्रों में इन्हें भेदभाव का शिकार होना पड़ता है और पुरुषों की तुलना में कम आंका जाता है, जो निंदनीय है. महिलाओं, किशोरियों एवं बालक-बालिकाओं में भी पुरूष की तरह ही जज्बा व जोश होता है. वे भी विभिन्न क्षेत्रों में ऊचाईयों को प्राप्त कर सकते हैं और कर भी रहे इसलिए लिंग आधारित हिंसा व भेदभाव को रोकना हम सब की जिम्मेदारी है. बाल संरक्षण पदाधिकारी सुधीर कुमार ने भी बालक-बालिकाओं को लिंग अधारित हिंसा की रोकथाम एवं समाप्ति अपने विचार प्रकट किये. वृहद आश्रय गृह में आवासित बालिका यथा नुतन कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, नुरकेश आदि ने भी हिंसा व भेदभाव वाले विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार प्रकट किये. बाल गृह में आवासित बालक यथा करण कुमार, राजेन्द्र कुमार, जिशान, मुनाजिर आदि ने भी अपने जीवन में होने वाली भेदभाव को प्रकट किया. कार्यक्रम की सफलता में अधीक्षक चंदन कुमार पाठक, परामर्शी शलानाज अख्तरी, सामाजिक कार्यकर्त्ता गायत्री कुमारी, प्रभारी लेखापाल पवन कुमार वर्मा, सहायक संजय कुमार ठाकुर, आउटरीच वर्कर लक्ष्मण कुमार जयसवाल एवं पीएलवी हेमलता कुमारी आदि की भागीदारी रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel