[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार कटिहार उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति को तैयार ड्राफ्ट में सुधार की मांग

उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति को तैयार ड्राफ्ट में सुधार की मांग

0
उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति को तैयार ड्राफ्ट में सुधार की मांग

-अभाविप ने को लें डीएम को सौंपा ज्ञापन कटिहार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से गुरुवार को डीएम आशुतोष द्विवेदी को ज्ञापन सौंप राज्य के विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति हेतु तैयार ड्राफ्ट में सुधार को लेकर मांग की गयी. प्रांत सह मंत्री विनय सिंह ने कहा कि बिहार की उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण एवं भारत केंद्रित बनाने हेतु विद्यार्थी परिषद निरंतर प्रयास कर रही है. विगत कुछ वर्षों में बिहार के उच्च शिक्षा संस्थानों में भौतिक प्रगति दृष्टिगोचर हुई है किंतु शैक्षणिक गुणवत्ता के दृष्टिकोण से हम काफी पिछड़े हुए हैं. विभाग सह संयोजक विक्रांत सिंह ने कहा कि विगत कई वर्षों से बिहार के उच्च शिक्षा संस्थान शिक्षकों की कमी के कारण शोध नवाचार एवं अन्य क्षेत्रों में पिछड़ते जा रहे हैं, इस स्थिति में बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति हेतु ड्राफ्ट तैयार किया है. जिला संयोजक रोहन प्रसाद ने कहा कि यह ड्राफ्ट जैसे ही आम जनमानस के बीच आया तो इसमें कई प्रकार की विसंगतियां सामने आई है.अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस ड्राफ्ट में कई सुधार को आग्रह किया है. बिहार में लगभग 1500 अतिथि शिक्षक लंबे समय से अपनी सेवा दे रहे हैं. नए प्रस्तावित मसौदे के अनुसार इनमें से अधिकांश उम्र सीमा के कारण आगामी बहाली प्रक्रिया से वंचित हो जाएंगे. इस हेतु उम्र सीमा में परिवर्तन किया जाए, विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा हेतु नियुक्त होने वाले शिक्षकों की परीक्षा में 80 प्रतिशत हिस्सा केवल लिखित परीक्षा का देना अनैतिक है. उनके शोध कार्य, पब्लिकेशन ,शिक्षण अनुभव एवं अकादमिक उपलब्धियां को सीधे तौर पर दरकिनार कर दिया गया है. सहायक प्राध्यापक नियुक्ति हेतु राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले नेट की परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों एवं बिना नेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों दोनों के लिए समान अवसर तथा योग्यता रखना राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित नेट परीक्षा के महत्व को नकारती है. ड्राफ्ट में अभ्यार्थियों के लिए एक ही विषय से स्नातक , स्नातकोत्तर एवं नेट या पीएचडी की उत्तीर्णता आवश्यक है जबकि पूर्व में केवल स्नातकोत्तर तथा नेट के विषय के आधार पर ही नियुक्ति होती रही है, ऐसी परिस्थितियों में जब सम्बद्ध विषयों में बहाली की चर्चा ड्राफ्ट में है तो फिर एक ही विषय से स्नातक एवं स्नातकोत्तर की बाध्यता समाप्त होनी चाहिए. परीक्षार्थियों के विश्लेषणात्मक ज्ञान का भी हो परीक्षण आगामी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया हेतु आयोजित होने वाली परीक्षाओं में ऑब्जेक्टिव एवं सब्जेक्टिव दोनों प्रकार के प्रश्न पूछे जाने चाहिए ताकि कदाचार की संभावना भी नहीं रहे एवं परीक्षार्थियों के विश्लेषणात्मक ज्ञान का भी परीक्षण हो सके. साक्षात्कार हेतु चयनित होने वाले उम्मीदवार केवल लिखित परीक्षा के आधार पर ही चयनित होंगे. जिसमें उनके पूर्व के शोध कार्य , प्रकाशित पुस्तक, जर्नल ,पब्लिकेशन एवं अन्य अकादमिक गतिविधियों का कोई मूल्यांकन नहीं हो पाएगा, देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय एवं अन्य राज्य में भी चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार के 40 अंक नहीं है,साक्षात्कार में अधिक अंक भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है,अतः साक्षात्कार के अंक 20 होने चाहिए. स्नातकोत्तर उत्तीर्ण नेट पास अभ्यर्थी के बराबर वेटेज देना पीएचडी के महत्व को करता है कम पीएचडी करने वाले अभ्यर्थी 4 से 5 वर्ष तक अध्ययन के उपरांत यह उपाधि पाते हैं किंतु इस उपाधि प्राप्त अभ्यर्थियों को भी मात्र स्नातकोत्तर उत्तीर्ण नेट पास अभ्यर्थी के बराबर वेटेज देना पीएचडी के महत्व को कम करता है. नेट/जेआरएफ एवं पीएचडी कोर्स का अपना अपना महत्व है. इसके महत्व के अनुसार इस पर अंक दिए जाने चाहिए. बिहार के लगभग सभी पड़ोसी राज्यों में सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती है.स्थानीय उम्मीदवारों के लिए डोमिसाइल नीति की व्यवस्था है किंतु बिहार में डोमिसाइल नीति लागू नहीं कर बिहारी बच्चों को बेरोजगार रखने का यह सुनियोजित प्रयास है जो कदापि स्वीकार्य नहीं है. ड्राफ्ट में वर्णित कई विषय के संबद्ध विषय की चर्चा नहीं है,उदाहरण स्वरूप सोशल वर्क जैसे विषयों को किसी भी विषय से संबद्ध नहीं दिखाया गया है जो ड्राफ्ट के अस्पष्ट होने का प्रमाण है,जबकि यह विषय समाजशास्त्र विषय से सम्बध्द है,इस मौके पर नगर सह मंत्री रवि सिंह, विशाल सिंह, मोनू यादव, अमित गुप्ता, कृष कुमार, जय कुमार समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel