– कारनामा, बुडको की लापवाही से भुगत रहे शहरवासी – अड़गड़ा चौक पर दो दिनों से जमे पानी से तीन वार्ड के लोग हो रहे प्रभावित कटिहार शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने वाला 220 करोड़ का स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज निर्माण समय बीतने के बाद भी पूरा नहीं होने से शहरवासी परेशान हैं. यह दिगर है कि विभाग द्वारा कार्य को पूरा करने के लिए मुख्यालय पटना समय विस्तार को पत्राचार किया गया है. जिस अंदाज में कार्य किया जा रहा है उससे अब भी शहरवासियों को समय पर निर्माण कार्य पूरा हो पायेगा. बिना किसी विकल्प के शहर में बने नाले को बंद कर ड्रेनेज का निर्माण किया जा रहा है. जिस रफ्तार से कार्य होना चाहिए नहीं होने और कहीं गढ्ढा कर घेर दिये जाने से एक ओर जहां शहर में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो रही है. दूसरी ओर पूर्व से बनी नाले बंद कर दिये जाने से बिना बादल व बरसात के ही सड़कों पर जलजमाव की गंभीर समस्या से लोग जूझ रहे हैं. बुडको विकल्प के रूप में मोटरसेट लगाकर पानी उबछवाने का दावा कर रहा है तो शहरवासियों को आवागमन में काफी परेशान होना पड़ रहा है. विगत चौबीस घंटे से अड़गड़ा चाैक अवस्थित सड़क पर जमा जलजमाव से स्थानीय दुकानदार भी परेशान हैं. स्थानीय दुकानदारों की माने तो उनलोगों की दुकानदारी काफी प्रभावित है. इस जलजमाव से वार्ड 37, 36, 34 और 33 के वार्डवासी परेशान हैं. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पार्षदों के दवाब पर थोड़ी देर के लिए मोटर पंप से पानी निकाला जाता है. लेकिन निकासी नहीं होने की वजह से पुन: सड़क पर जलजमाव की समस्या बनी रहती है. लोगों का कहना है कि शिवमंदिर के समीप ही ड्रेनेज निर्माण को लेकर घेराव कर दिये जाने से आवागमन भी प्रभावित होती है. स्थानीय पान दुकानदार, चाय दुकानदारों का कहना है कि विगत चौबीस घंटे से उनलोगों की दुकानदारी फीकी हो गयी है. नाले का ओभरफ्लो गंदा पानी सड़क पर बहने से ग्राहकों के दर्शन मुश्किल होने लगे हैं. दिन भर किसी तरह समय काटकर घर वापसी की मजबूरी बनी हुई है. इक्का दुक्का ग्राहक के आने का भी इंतजार करना पड़ता है. चौतरफा रास्ता निकलने के कारण टेम्पो व टोटो की इस सड़क पर भरमार चलती है. बड़े बड़े वाहन भी इसी सड़क होकर शहर में प्रवेश व बाहर निकलती है. वार्ड पार्षद भी हैं बुडको के निर्माण कार्यशैली से हैरान वार्ड नम्बर 37 की पार्षद शोभा देवी, पार्षद प्रतिनिधि मनोज मिश्रा समेत अन्य वार्ड के पार्षद बुडको के कार्यशैली से हैरान हैं. ऐसा इसलिए कि जिस रफ्तार से कार्य किया जा रहा है. इससे कई वर्ष लगने के बाद भी कार्य पूरा होने की संभावना नहीं लग रही है. उनलोगों का कहना है कि शहर में करीब पच्चीस किलोमीटर तक बननेवाला ड्रेनेज का कार्य अब तक पूरा नहीं होने से आने वाले बरसात में भी जलजमाव की संभावना बनी हुई है. करीब चार फेज में ड्रेनेज का निर्माण होना है, लेकिन अभी तक प्रथम फेज को पूरा करने में विभाग के इंजीनियर व पदाधिकारी हॉफते नजर आ रहे हैं. विकल्प के रूप में लगाया गया है पंपिंग सेट ड्रेनेज निर्माण का कार्य समय परा पूरा करा लिया जायेगा. नाला बंद कर ड्रेनेज का निर्माण पूरे रफ्तार से किया जा रहा है. शहरवासियों को परेशानी न हो इसको ध्यान में रखा गया है. विकल्प के रूप में मोटर पंप लगाकर पानी को हटाया जाता है. अतिक्रमण के वजह से निर्माण कार्य प्रभावित होता है. शहरवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रात में अधिक कार्य पर जोर दिया जाता है. विकास कुमार, परियोजना निदेशक, बुडको