मुख्य बातें:
कटिहार के बलिया बेलौन से तबस्सुम यजदानी की रिपोर्ट
Balia Belon Power Cut: कटिहार जिले के बलिया बेलौन क्षेत्र में भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम के बीच बिजली की चरमराई व्यवस्था ने स्थानीय उपभोक्ताओं का जीना मुहाल कर दिया है. पूरे इलाके में रह-रहकर बिजली गुल होना और लगातार लो वोल्टेज की समस्या अब आम हो चुकी है. विभागीय कुव्यवस्था से त्रस्त होकर अब ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का धैर्य जवाब देने लगा है. क्षेत्र के मुख्य सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि समय पर बिजली बिल का भुगतान करने के बावजूद उपभोक्ताओं को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गई हैं.
जर्जर तार और ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर बने बड़ी बाधा; नेताओं ने खोला मोर्चा
- 10 घंटे भी नहीं मिल रही सप्लाई: शेखपुरा के मुखिया प्रतिनिधि इकबाल हुसैन और चनदहर के मुखिया प्रतिनिधि सह अधिवक्ता रागिब शजर ने बताया कि ग्रिड से बिजली मिलने के दावों के विपरीत धरातल पर उपभोक्ताओं को 24 घंटे में से मुश्किल से 10 घंटे भी निर्बाध बिजली नसीब नहीं हो रही है.
- उपकरण बने शो-पीस: जनप्रतिनिधियों के अनुसार, जब बिजली आती भी है तो वोल्टेज का स्तर इतना कम होता है कि घरों में लगे पंखे और कूलर तक नहीं चल पाते.
- हल्की हवा में घंटों कटिंग: क्षेत्र में उपभोक्ताओं के अनुपात में नए ट्रांसफार्मर नहीं लगाए गए हैं, वहीं ट्रांसमिशन लाइन के तार भी अत्यंत जर्जर हो चुके हैं. स्थिति यह है कि हल्की सी हवा या बूंदाबांदी होने पर भी सुरक्षा के नाम पर घंटों के लिए बिजली काट दी जाती है, जिसे बहाल करने में पूरा दिन लगा दिया जाता है.
अफसरों ने बंद किए फोन; 36°C के टॉर्चर से दफ्तर और दुकानें प्रभावित
स्थानीय लोगों और मुखिया प्रतिनिधियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी सब-स्टेशन में बिजली संकट को लेकर कनीय अभियंता (JE) से लेकर स्थानीय लाइनमैन या मिस्त्री तक से संपर्क करने की कोशिश की जाती है, तो कोई भी अधिकारी फोन रिसीव नहीं करता. उपभोक्ताओं की बात सुनना तो दूर, विभाग को अपनी समस्या से अवगत कराना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है.
Balia Belon Power Cut: समस्या नहीं सुधरी तो सड़क पर उतरेंगे उपभोक्ता; आंदोलन की चेतावनी
चनदहर और शेखपुरा पंचायत के प्रतिनिधियों सहित आक्रोशित उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि इस जर्जर व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए. यदि अगले कुछ दिनों के भीतर क्षेत्र में पर्याप्त वोल्टेज के साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई और जर्जर तारों को नहीं बदला गया, तो बलिया बेलौन के उपभोक्ता मुख्य सड़कों को जाम कर विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली प्रशासन की होगी.
