कटिहार बिहार राज्य आशा व आशा फैसलेटटर संघ तथा बिहार राज्य ममता कार्यकर्ता संघ के संयुक्त तत्वाधान में गुरुवार को सदर अस्पताल परिसर में आशा ने अपनी 13 व ममता ने 12 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. आशा संघ की जिला मंत्री जिवछि देवी ने कहा कि हमारी मांगे है कि लेबर कोड को रदद करते हुए आशा व आशा फैसिलिटेटर को अत नियमों के अधीन लाया जाय. आशा कार्यकरताओ का छह माह से बकाये प्रोत्साहन राशि का एकमुश्त भुगतान अविलम्ब किया जाय. आईडी के नाम पर की जा रही घुसखोरी पर रोक लगायी जाय तथा वर्ष 2023 के बाद नवचयनित आशा की प्रोत्साहन राशि का भुगतान अविलम्ब करना सुनिश्चित किया जाय. आशा व आशा फैसिलिटेटर कार्यकर्ता की सेवा निवृति की उम्र आंगनबाडी सेविका-सहायिका की तरह 65 वर्ष किया जाय. मुख्यमंत्री ने घोषित दो हजार रूपया बढे हुए पारितोषिक राशि का एकमुश्त भुगतान सीधे राज्य से खाते में भेजा जाय, सभी आशा एवं आशा फैसिलिटेटर को प्रोत्साहन राशि के बजाय 26000 प्रत्येक माह वेतन का भुगतान करते हुए पेंशन, ग्रेच्यूटी, पीएफ, ईएसआई एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधा, 45वें एवं 46वें श्रम सम्मेलन के अनुशंसा के आलोक में लागू किया जाय आदि मांगे शामिल है. ममता कार्यकर्ता ने कहा की महादलित परिवार की ममता कार्यकर्त्ताओं को बकाये प्रोत्साहन रााशि का अविलम्ब भुगतान करते हुए उनके प्रोत्साहन राशि का प्रत्येक माह के अंतिम तिथि को भुगतान कराना सुनिश्चित किया जाय. ममता कार्यकर्त्ता को सरकारी सेवक घोषित किया जाय, जब तक सरकारी सेवक घोषित नहीं किया जाता है. तब तक 45वें एवं 46वें श्रम सम्मेलन के अनुशंसा के आलोक में 26000 न्यूनतम वैद्यानिक पारिश्रमिक का भुगतान करना सुनिश्चित किया जाय. सेवा निवृति के पश्चात ममता कार्यकर्त्ताओं को 10000 महीना पेंशन एवं अन्य सेवांत का लाभ उपलब्ध कराया जाय आदि मांगे शामिल है.