[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार कटिहार सीमांचल में एक अहम रोल निभा रहा अल करीम विश्वविद्यालय

सीमांचल में एक अहम रोल निभा रहा अल करीम विश्वविद्यालय

0
सीमांचल में एक अहम रोल निभा रहा अल करीम विश्वविद्यालय

परीक्षा से लेकर सर्टिफिकेट तक आसानी से हो रहा उपलब्ध

एक छत के नीचे 1900 से अधिक लोगों को दे रहा रोजगार

कटिहार. सीमांचल में अल करीम विश्विद्यालय का अपना एक अलग स्थान है. एक ही छत के नीचे चार स्कूल संचालित हाे रहा है. अलीगढ़ मुस्लिम विवि से प्राप्त 35 वर्ष के अनुभव को अल करीम विवि के विकास में लगाकर कई योजनाओं को अंजाम दिये जाने का प्रयास है. खासकर अल करीम विवि को नैक से मूल्यांकन कराना प्राथमिकता में शामिल है. नैक का ग्रेड मिल जाने से अल करीम विवि में सुविधाओं का ढेर लग जायेगा. यह बातें मंगलवार को अल करीम विवि के कुलपति प्रो सैयद माेईद अहमद ने अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि कुलाधिपति डॉ अहमद अशफाक करीम की सोच मेडिकल कॉलेज व अल करीम विवि को बहुत आगे तक ले जायेगा. कटिहार मेडिकल कॉलेज निजी के मामले में राज्य में सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज है. यहां से पासआउट डॉक्टर पूरी दुनिया में अपनी सेवा दे रहे हैं. सरकारी व निजी विवि में अंतर को समझाते हुए बताया कि निजी विवि में बच्चों को लाभ ही लाभ है. खासकर जहां छात्र नामांकित होते हैं वहीं परीक्षा से लेकर सर्टिफिकेट आसानी से उपलब्ध हो जाता है. इस तरह के विवि बिहार निजी एक्ट विवि से संचालित होते हैं. जिसे बेसिक से ऊपर उठकर कार्य किया जा सकता है. अल करीम विवि की विशेषताओं को गिनाते हुए बताया कि यहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को प्लेसमेंट की सुविधा हर हाल में उपलब्ध है. यहां से पढ़े लिखे बच्चों को यही पर रोजगार उपलब्ध करा दिया जाता है. अब तक 1900 से अधिक को रोजगार उपलब्ध कराया गया है. यह अपने आप में एक मिसाल है. फिलहाल ओपन हाट सर्जरी कराने की दिशा में पहल की जा रही है. उन्होंने कहा कि प्लानिंग में एक ट्रेनिंग सेंटर खोलना हैं. जो संभवत: 29 अगस्त को लांच कराया जायेगा. जहां आसपास के मेडिकल कॉलेज से छात्र आकर ट्रेनिंग ले सकते हैं. यहां पर रुके हाट कैसे सेव किया जाता है. इस तरह के प्रशिक्षण दिया जायेगा. मेडिकल के बच्चों को सीपीआर प्रोग्राम के तहत प्रमाण पत्र लेना ही पड़ता है. इस मौके पर अल करीम विवि के कुलसचिव भी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel