कटिहार के 7 नए डिग्री कॉलेजों में पहले ही दिन फिरा तैयारियों पर पानी, छात्र असमंजस में!
Katihar Block Degree College: सरकार के 'सात निश्चय पार्ट-3' के तहत कटिहार के ग्रामीण इलाकों में खुले 7 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में 1 जुलाई से कक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं. पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा ऐन वक्त पर नामांकन की तिथि बढ़ाने से इंडक्शन मीटिंग की तैयारी धरी रह गई और छात्र खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.
मुख्य बातें:
कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट
Katihar Block Degree College: ‘सात निश्चय पार्ट-3’ के तहत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को उनके घर के पास ही उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूर्णिया विश्वविद्यालय (PU) के अंतर्गत 21 नवसृजित प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेजों की स्थापना की गई थी. इनमें से अकेले कटिहार जिले में कुल 7 प्रखंडों में ये राजकीय डिग्री कॉलेज खोले गए हैं. पूर्व के आदेशानुसार, इन सभी नए कॉलेजों में 1 जुलाई से नियमित कक्षाएं शुरू होनी थीं. लेकिन ऐन वक्त पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नामांकन की द्वितीय मेरिट लिस्ट (Second Merit List) की तिथि 30 जून और 1 जुलाई तक बढ़ा दिए जाने के कारण इन कॉलेजों में पठन-पाठन शुरू नहीं हो सका.
राजभवन के आदेश पर तैनात हुए थे प्रभारी प्राचार्य और कर्मचारी
- प्रशासनिक ढांचा: राजभवन के निर्देश पर पूर्णिया विश्वविद्यालय ने अपने विभिन्न पुराने अंगीभूत (Constituent) महाविद्यालयों के वरिष्ठ प्राध्यापकों को इन नए कॉलेजों में प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपा था. इसके अलावा एक-एक प्राध्यापक को अर्थपाल (Bursar) की जिम्मेदारी दी गई थी.
- कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति: कॉलेजों के दैनिक कार्य संचालन के लिए पुराने कॉलेजों से ही लिपिकीय और प्रशासनिक स्टाफ को भेजकर एक साथ प्रधान सहायक (Head Assistant) और लेखपाल (Accountant) समेत कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी गई थी.
इतने बड़े स्तर पर प्रशासनिक मुस्तैदी के बावजूद, ऐन वक्त पर कक्षा संचालन टल जाने से कॉलेज प्रबंधन की सारी प्रशासनिक तैयारी धरी की धरी रह गई है.
नामांकित छात्र-छात्राओं में ‘ठगे’ जाने का अहसास; सीटों के मुकाबले कम हुए दाखिले
नए डिग्री कॉलेजों में दाखिला लेने वाले कई छात्र-छात्राओं का कहना है कि वे अभी से ही खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. चिंता की बात यह भी है कि इन कॉलेजों में प्रशासन द्वारा जितनी सीटों का निर्धारण किया गया था, उसके मुकाबले अब तक बेहद कम नामांकन हो पाए हैं. आधी से अधिक सीटें खाली रहने और शिक्षकों की नियमित उपलब्धता स्पष्ट न होने के कारण छात्र समझ नहीं पा रहे हैं कि उनका भविष्य और शैक्षणिक सत्र किस दिशा में आगे बढ़ेगा.
कटिहार के इन 7 प्रखंडों के विद्यालयों में चल रहे हैं नए कॉलेज
जिले के जिन सात प्रखंडों में अस्थायी रूप से चिन्हित उच्च व मध्य विद्यालयों के परिसरों में ये नए डिग्री कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं, उनकी आधिकारिक सूची नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है:
| क्र.सं. | प्रखंड का नाम | राजकीय डिग्री महाविद्यालय का संचालन स्थल |
| 1. | अमदाबाद | राजकीय डिग्री महाविद्यालय, मध्य विद्यालय नवरसिया परिसर |
| 2. | मनसाही | राजकीय डिग्री महाविद्यालय, राजकीय उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर |
| 3. | कुरसेला | राजकीय डिग्री महाविद्यालय, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय जरलाही परिसर |
| 4. | समेली | राजकीय डिग्री महाविद्यालय, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय नवाबगंज परिसर |
| 5. | हसनगंज | राजकीय डिग्री महाविद्यालय, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर |
| 6. | डंडखोरा | राजकीय डिग्री महाविद्यालय, उच्च माध्यमिक विद्यालय सौरिया परिसर |
| 7. | कोढ़ा | राजकीय डिग्री महाविद्यालय, शिशिया परिसर |
विश्वविद्यालय और राजभवन के दिशा-निर्देशों के आलोक में सभी पुराने अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों को 1 जुलाई से हर हाल में कक्षाएं संचालित करने का आदेश दिया गया है. नवसृजित 21 प्रखंड कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया और कुछ तकनीकी अड़चनों की समीक्षा की जा रही है. जैसे ही राजभवन और कुलपति कार्यालय से हरी झंडी मिलती है, इन सात प्रखंड कॉलेजों में भी शेड्यूल जारी कर इंडक्शन मीटिंग और पठन-पाठन का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करा दिया जाएगा.” — प्रो. एके वर्मा, अध्यक्ष, छात्र कल्याण (DSW), पूर्णिया विश्वविद्यालय
Katihar Block Degree College: नए कॉलेजों को छोड़ बाकी सभी अंगीभूत व संबद्ध कॉलेजों में कक्षाएं शुरू
- पुराने कॉलेजों में पढ़ाई शुरू: पूर्णिया विश्वविद्यालय ने 30 जून को एक नया आधिकारिक पत्र जारी किया है. इसके तहत, नव स्थापित 21 प्रखंड डिग्री कॉलेजों को छोड़ कर विवि के अंतर्गत आने वाले अन्य सभी पुराने अंगीभूत एवं सम्बद्ध (Affiliated) महाविद्यालयों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUGP) सत्र 2026-30 के प्रथम सेमेस्टर की नियमित कक्षाएं 1 जुलाई से अनिवार्य रूप से शुरू कर दी गई हैं.
- 75% उपस्थिति का नियम: विश्वविद्यालय और राजभवन के कड़े निर्देश पर इन चालू हो चुके कॉलेजों में कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय के छात्र-छात्राओं के लिए कक्षाओं में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई है. उपस्थिति कम होने पर छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित कर दिया जाएगा.
