[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार कैमूर पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, वट वृक्ष के लिए फेरे, उमड़ा आस्था का सैलाब

पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, वट वृक्ष के लिए फेरे, उमड़ा आस्था का सैलाब

0
पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, वट वृक्ष के लिए फेरे, उमड़ा आस्था का सैलाब
वट सावित्री व्रत की पूजा करती महिलाएं

Vat Savitri Puja: (भभुआ से अमित कुमार सिन्हा) भभुआ सदर में शनिवार को पतिव्रता महिलाओं ने पुत्र-पौत्र की प्राप्ति,पति और परिवार की सुख-समृद्धि एवं दीर्घायु की कामना को लेकर श्रद्धा और भक्ति के साथ वट सावित्री व्रत पूजा की. महिलाओं ने पूरे विधि-विधान से वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर उसकी परिक्रमा की और आज पति की सलामती के लिए दिनभर उपवास रखेंगी.

सुबह से वट वृक्षों के नीचे जुटीं हजारों महिलाएं

शनिवार की सुबह व्रती महिलाएं पूजा सामग्री लेकर वट वृक्षों के पास पहुंचीं.वहां उन्होंने धूप-दीप, अक्षत, गंध और पूजन सामग्री के साथ पूजा की. इसके बाद वट वृक्ष में सूत लपेटकर श्रद्धापूर्वक फेरे लगाए और अखंड सौभाग्य की कामना की. पूरे दिन महिलाओं ने निर्जला उपवास रखकर परिवार की खुशहाली के लिए ईश्वर से प्रार्थना की.

सप्तधान्य और सावित्री-सत्यवान की प्रतिमा स्थापित कर की गई विशेष पूजा

महिलाओं ने वट वृक्ष के समीप बैठकर पात्र में सप्तधान्य भरकर उसे वस्त्र से ढंका और दूसरे पात्र में ब्रह्मा-सावित्री एवं सत्यवान-सावित्री की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की. इसके बाद विधिवत परिक्रमा कर पूजा किया. इस दौरान गरीबों और ब्राह्मणों को वस्त्र दान और भोजन कराकर आशीर्वाद भी लिया गया.

54, 17 और 108 बार की जाती है वट वृक्ष की परिक्रमा

जिला समाहरणालय के पीछे पूजा करा रहे पंडित मनोज तिवारी ने बताया कि वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अमावस्या को मनाया जाता है. इस व्रत की शुरुआत त्रयोदशी तिथि से होती है और महिलाएं तीन दिन तक उपवास रखती हैं. उन्होंने बताया कि श्रद्धालु महिलाएं वट वृक्ष की 54, 17 और 108 बार परिक्रमा कर पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं.

शहर के मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

भभुआ शहर के पुलिस लाइन स्थित डाकेश्वर महादेव मंदिर, देवीजी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, खाकी गोसाईं मंदिर, सदर थाना परिसर, सदर अस्पताल और पीडब्ल्यूडी परिसर सहित कई स्थानों पर महिलाओं ने वट वृक्ष के नीचे एकत्र होकर पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना की.

वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास, पूजा से मिलता है अखंड सौभाग्य

भवन प्रमंडल परिसर में पूजा करा रहे पंडित विनोद शंकर त्रिपाठी ने बताया कि वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और डालियों-पत्तियों में भगवान शिव का निवास माना जाता है. उन्होंने कहा कि वट सावित्री व्रत करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

सावित्री ने यमराज से छीने थे पति सत्यवान के प्राण

पंडित त्रिपाठी ने बताया कि इसी दिन मां सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज के फंदे से वापस लाए थे. जब यमराज सत्यवान के प्राण लेकर जा रहे थे तब सावित्री उनके पीछे चल पड़ीं. यमराज ने प्रसन्न होकर उन्हें तीन वरदान दिए. सावित्री ने एक वरदान में सौ पुत्रों की माता बनने का वर मांगा. तब यमराज को सत्यवान को पुनर्जीवित करना पड़ा.

इसलिए वट वृक्ष की परिक्रमा का होता है विशेष महत्व

मान्यता है कि जब सावित्री यमराज के पीछे गई थीं तब वट वृक्ष ने सत्यवान के शव की रक्षा की थी. पति के प्राण वापस मिलने के बाद सावित्री ने वट वृक्ष का आभार प्रकट करते हुए उसकी परिक्रमा की थी. तभी से वट सावित्री पूजा में बरगद के पेड़ की परिक्रमा का विशेष महत्व माना जाता है.जिलेभर में महिलाओं की श्रद्धा, आस्था और समर्पण का यह पर्व आकर्षण का केंद्र बना रहा.

Also Read: कैमूर में आज: आज भी सताएगी गर्मी, ओपीडी में कौन होंगे डॉक्टर, आज का दर्शन

Previous article Karuppu Collection Day 1: सूर्या की फिल्म की दमदार शुरुआत, लेकिन पहले दिन ‘कंगुवा’ का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई
Next article Arrah News : राजनीति में युवाओं का बढ़ता दबदबा, 7 में 4 युवा विधायक
Avatar Of Sakshi Kumari
साक्षी पत्रकारिता और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. साक्षी सीवान की रहने वाली हैं. उन्होंने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, जनसंचार और समाचार लेखन की बारीकियों का अध्ययन किया. स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद भी उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखी और वर्तमान में नौकरी के साथ-साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप के दौरान फील्ड रिपोर्टिंग, समाचार संकलन और ग्राउंड रिपोर्टिंग की व्यावहारिक समझ विकसित की. इस दौरान उन्होंने समाचारों के विभिन्न पहलुओं को नजदीक से समझा और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से सीखा. इसके बाद उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. जहां करीब तीन वर्षों तक डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहीं. इस दौरान उन्होंने राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण खबरों पर काम किया. News4Nation में कार्यरत रहते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की विस्तृत कवरेज की. चुनावी राजनीति, मतदाताओं के व्यवहार, राजनीतिक रणनीतियों और जमीनी मुद्दों को करीब से समझने का अवसर मिला. इस अनुभव ने उन्हें राजनीतिक खबरों को अधिक सटीकता, तथ्यों और विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करने की विशेषज्ञता प्रदान की. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति, प्रशासनिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी समझ है, जिसके अनुरूप वह खबरों को इस प्रकार तैयार करती हैं कि वे पाठकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें और खोज इंजन में बेहतर प्रदर्शन करें. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, उसकी त्वरित कवरेज और कम समय में सटीक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है. साक्षी किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं. वह विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही खबरों को प्रकाशित करती हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग में सटीकता और विश्वसनीयता बनी रहती है. न्यूजरूम में डेटा विश्लेषण, ट्रेंड मॉनिटरिंग और पाठकों की रुचि के आधार पर सर्वे एवं रिसर्च-आधारित खबरें तैयार करने में भी उन्हें बखूबी आता है. निरंतर सीखने और बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ स्वयं को अपडेट रखने की उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक बेहतर डिजिटल पत्रकार बनने के लिए प्रेरित करती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाली साक्षी पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel