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Home बिहार कैमूर Kaimur News : जिला पर्षद की प्रति दुकान पांच से लेकर 20 लाख रुपये तक लगी बोली

Kaimur News : जिला पर्षद की प्रति दुकान पांच से लेकर 20 लाख रुपये तक लगी बोली

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Kaimur News : जिला पर्षद की प्रति दुकान पांच से लेकर 20 लाख रुपये तक लगी बोली
सांकेतिक तस्वीर

भभुआ. जिला पर्षद क्षेत्र के अंतर्गत मोहनिया अनुमंडल अंतर्गत रामगढ़ में बनी दुकानों की प्रति दुकान की बोली पांच लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक लगायी गयी. इसके बाद रामगढ़ में जिला पर्षद से बनायी गयी दुकानों की नीलामी के बाद अब कैमूर जिला पर्षद को चार करोड़ 67 लाख रुपये प्राप्त होंगे. गौरतलब है कि पहली बार जिला पर्षद कैमूर द्वारा रामगढ़ में जिला पर्षद की जमीन पर बनाये गये मार्केट कांप्लेक्स में 72 दुकानों का निर्माण कराया गया था, जिसमें कुछ दुकानें ग्राउंड फ्लोर पर, तो कुछ दुकानों का निर्माण प्रथम तल्ले पर कराया गया है. इसमें 64 बड़ी दुकानें 10 बाई 15 फुट की और आठ छोटी दुकानें 12 बाई साढ़े छह फुट रखी गयी है. इन दुकानों के आवंटन को लेकर जिला पर्षद कैमूर द्वारा नीलामी प्रक्रिया अपनायी गयी. यह नीलामी प्रक्रिया शुक्रवार से ही जिला पर्षद कैमूर कार्यालय में संपन्न करायी जा रही थी. इधर, जिला पर्षद की दुकानों की नीलामी के लिए बड़ी संख्या में इच्छुक लोगों का जमावड़ा समाहरणालय स्थित जिला पर्षद कार्यालय के पास जमा हुआ था, जहां लोग अपने रुपये के झोले का मुंह खोलकर बोली लगाने पहुंचे थे. जिला पर्षद प्रबंधन द्वारा बड़ी दुकानों के लिए बोली की शुरूआत चार लाख रुपये प्रति दुकान और छोटी दुकानें के लिए तीन लाख से लेकर ढाई लाख रुपये प्रति दुकान कम से कम रखी गयी थी. इधर, जिला पर्षद के आडिट पदाधिकारी सूरज कुमार राठौर ने बताया कि दुकानों की बोली में सबसे अधिक बोली बड़ी साइज की एक दुकान के लिए 20 लाख रुपये लगायी गयी है. इसी तरह अन्य दुकानों के लिए भी पांच लाख रुपये से लेकर 16 लाख रुपये तक बोली लगायी गयी है. बहरहाल, दुकानों की नीलामी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सबसे अधिक बोली लगाने वालों को दुकानों का आवंटन कर दिया गया है. उन्हें 15 दिन के अंदर बोली में प्राप्त किये गये दुकान का नीलामी में बोली गयी राशि को जमा करना होगा. इधर, शनिवार को जिप दुकानों की नीलामी की पूरी प्रक्रिया फाइनल होने के बाद जिला पर्षद कैमूर के कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जिला पर्षद की दुकानों की बोली से कुल चार करोड़ 67 लाख रुपये की राशि प्राप्त होती है. लेकिन, अगर दुकान की बोली लगाने वाली राशि 15 दिन के अंदर जिला पर्षद को जमा नहीं किया जाता है, तो फिर उक्त दुकानों का आवंटन रद्द कर दिया जायेगा और रद्द दुकानों के लिए फिर से नीलामी प्रक्रिया अपनायी जायेगी. इन्सेट 30 साल के लिए बुक दुकानों से प्रति माह किराये में मिलेंगे 150400 रुपये भभुआ. मोहनिया अनुमंडल के रामगढ़ में बने मार्केट कांप्लेक्स की कुल 72 दुकानों से जिला पर्षद को किराये से प्रति माह एक लाख 50 हजार 400 रुपये की राशि प्राप्त होगी. जिला पर्षद प्रबंधन द्वारा बड़ी दुकानों का 2200 रुपये प्रति माह किराया तथा छोटी दुकानों का प्रति माह किराया 1200 रुपये रखा गया है. इस तरह बड़ी दुकानें से प्रति माह जिप को एक लाख 40 हजार 800 रुपये तथा छोटी दुकानों से 9600 रुपये प्रति माह किराये की रकम प्राप्त होगी. इस संबंध में आडिट पदाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि प्रथम चरण में दुकानों का आवंटन नीलाम लेने वालों को 30 साल के लिए किया जा रहा है. 30 साल पूरा होने के बाद इन दुकानों का पुन: रिन्युअल कराया जायेगा, तब ही इकरारनाम आगे बढ़ पायेगा. इनसेट अधिकतर खुद दुकान चालने की जगह दे देते किराये पर भभुआ. जिला पर्षद कैमूर की अधिकतर दुकानें बोली लगा कर लेने वाले किराये पर चलाते हैं. गौरतलब है कि जिला पर्षद की जमीन जिला मुख्यालय भभुआ सहित रामगढ़, रामपुर सहित लगभग जिले के हर प्रखंडों में कुछ न कुछ मौजूद है. कई जगहों पर जिला पर्षद की दुकानें भी बनी हैं, तो कई जगहों पर पूर्व में दुकानों के नाम पर आवंटित जमीन को लेने वालों ने भी अपना पैसा लगा कर दुकानें खड़ा करा दिया है. उसे जिला पर्षद के किराये से अधिक किराये पर लीज पर लिये गये दुकानों को बुक किया जाता है. अधिकतर दुकान लेने वाले लोग दुकानों का इस्तेमाल अपने न करके, दूसरे को किराये पर देकर उसे आमदनी का जरिया भी बनाये हुए हैं. दूसरे से प्राप्त अधिक किराये की राशि में से ये जिप के किराये की तय राशि जमा कर देते हैं और शेष रुपये इनका हो जाता है. लेकिन, यह सब मामला अनआफिशियल डील किया जाता है.

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