[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार कैमूर न्यायालय सभी बिंदुओं की जांच कर देता है न्याय : एसडीजेएम

न्यायालय सभी बिंदुओं की जांच कर देता है न्याय : एसडीजेएम

0
न्यायालय सभी बिंदुओं की जांच कर देता है न्याय : एसडीजेएम

राष्ट्रीय लोक अदालत में 89 मामलों का निष्पादन, आपसी सहमति से मिला न्याय माप-तौल विभाग के जुर्माने से लेकर बैंकिंग व दीवानी विवादों का हुआ निबटारा मोहनिया सदर. शनिवार को अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में एसडीजेएम अंकिता राज ने कहा कि न्यायालय सभी बिंदुओं की जांच कर सभी को न्याय देता है. राष्ट्रीय लोक अदालत में आये सभी सुलहनीय मामलों का निष्पादन आपसी सहमति से किया जाता है. इसमें न किसी की हार होती है और न ही किसी की जीत होती है, बल्कि लंबे समय से चलते आ रहे मुकदमों का निबटारा हो जाता है. यहां किसी पक्ष का कोई खर्चा भी नही लगता है. अनुमंडलीय न्यायालय में दो बेंचों का गठन किया गया था. बेंच संख्या 14 पर एसडीजेएम अंकिता राज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर 39 मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया. वहीं, बेंच संख्या 15 पर प्रथम वर्गीय न्यायिक दंडाधिकारी कुमारी शिप्रा ने 50 सुलहनीय मामलों की सुनवाई की. इसी दौरान दुर्गावती प्रखंड के सावठ गांव के एक दुकानदार पर माप-तौल विभाग द्वारा लगाया गया 5,000 रुपये का जुर्माना भी जमा कराया गया व मामले को समाप्त किया गया. इस दौरान अधिवक्ता सियाराम ने संविधान के अनुच्छेद 39ए का उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि यह अनुच्छेद अवसर की समानता के आधार पर न्याय को बढ़ावा देने व गरीबों को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने का प्रावधान करता है. वहीं, अनुच्छेद 14 व 22(1) विधि के समक्ष समानता सुनिश्चित करने के लिए राज्य को बाध्य करते हैं. युवा अधिवक्ता लल्लन राम ने कहा कि कानून व न्यायालयों की उपस्थिति से ही समाज के दबे-कुचले व गरीब वर्ग के लोगों को समानता का अधिकार प्राप्त होता है. उन्होंने ”नालसा” के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लोक अदालत के माध्यम से बैंक ऋण, एनआई एक्ट, वैवाहिक विवाद, श्रम वाद, भूमि अधिग्रहण व बिजली-पानी के बिलों से संबंधित मुकदमों का स्थायी समाधान किया जाता है. इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ता व वादकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सुलभ न्याय प्रक्रिया का लाभ उठाया.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel