[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार कैमूर शिक्षक गोलीकांड मामलें में चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

शिक्षक गोलीकांड मामलें में चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

0
शिक्षक गोलीकांड मामलें में चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

मोहनिया शहर. स्थानीय थाना क्षेत्र के भभुआ-मोहनिया पथ के अवारी गांव के समीप सोमवार की देर शाम टहलने के दौरान एक शिक्षक को अपराधियों द्वारा गोली मारे जाने के मामले में चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. घटना को लेकर कोई सुराग पुलिस अब तक नहीं लगा पायी है. इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहा है. भले ही अपराध नियंत्रण का पुलिस दावा करती हो, लेकिन घटना के चार दिन बाद भी अपराधी पुलिस के पकड़ से दूर है. इस मामले में घायल शिक्षक वार्ड 15 निवासी इम्तियाज अंसारी उर्फ चुन्नू द्वारा अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. गौरतलब है कि सात जनवरी यानी सोमवार की देर शाम करीब 10:15 बजे इम्तियाज खाना खाकर भभुआ-मोहनिया सड़क पर टहलने निकले थे. इसी दौरान अवारी गांव से पहले स्थित पुल के पास पीछे से बाइक सवार दो युवक पास में पहुंच फायरिंग करने लगे थे, जिसे देख शिक्षक भाग कर अपनी जान बचायी थी. अपराधियों के फायरिंग से शिक्षक को एक गोली हाथ में लगी थी, जो अपराधियों से जान बचाने के लिए सोन कमांड के मुहल्ले से होते अपनी बुआ के घर चले गये थे. वहां से इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया था, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद रेफर किया गया था. घटना की सूचना पर एसपी हरिमोहन शुक्ला व मोहनिया डीएसपी प्रदीप कुमार सहित थानाध्यक्ष सहित भारी पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंच जांच की थी. यहां से दो खोखा व एक पिलेट बरामद किया गया है, लेकिन घटना के चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस अपराधी को गिरफ्तार व घटना के कारणों का पता नहीं लगा पायी है. # मारने की नियत से ही अपराधियों ने किया था हमला शहर के भभुआ रोड स्थित अवारी गांव के समीप सड़क पर टहल रहे शिक्षक को आखिर अपराधियों ने क्यों गोली मारी, यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बना है. लोगों की माने तो शिक्षक इम्तियाज उर्फ चुन्नू अच्छे स्वभाव के है, जिनकी पत्नी आगनबाड़ी सेविका है. जबकि, ये उर्दू मध्य विद्यालय मोहनीय में उर्दू के शिक्षक है. आखिर जिस तरह अपराधियों ने गोली मारने के दौरान काफी पीछा किया, जिससे साफ जाहिर हो रहा है कि उन्हें मारने की नियत से ही अपराधियों ने हमला किया था. # क्या कहते हैं थानाध्यक्ष इस संबंध में थानाध्यक्ष प्रियेश प्रियदर्शी ने बताया शिक्षक द्वारा अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. पुलिस अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है. इनसेट चर्चित फल व्यवसायी की हत्या का मामला फाइलों में दफन # कई डीएसपी व थानेदार आये, पर नहीं हुआ मामले का खुलासा मोहनिया शहर. स्थानीय शहर के चर्चित फल व्यवसायी हत्याकांड का एक वर्ष बाद भी मोहनिया पुलिस खुलासा नहीं कर सकी. फल व्यवसायी की हत्या का मामला फाइलों में ही दफन हो गया. कई डीएसपी और थानेदार आये और चले भी गये, लेकिन चर्चित कांड का उद्भेदन नहीं हो सका जो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है. मालूम हो कि 11 दिसंबर 2023 को दिनदहाड़े स्टेशन रोड में अज्ञात अपराधियों द्वारा गोली मार कर फल व्यवसायी को घायल कर दिये थे. उनका इलाज के दौरान छह दिन बाद वाराणसी में मौत हो गयी थी. फल व्यवसायी मोहनिया बड़ी बाजार निवासी स्वर्गीय अजीज खान के 55 वर्षीय पुत्र वसिर खान घर से दुकान खोलने के लिए बाइक से जा रहे थे, तभी पूर्व से घात लगाये अपराधियों द्वारा गोली मार दी गयी थी. उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद वाराणसी रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान छह दिन बाद मौत हो गयी थी. इसको लेकर मोहनिया में जमकर बवाल हुआ था. चांदनी चौक पर शव को रख एनएच दो से लेकर चांदनी चौक की सड़कों को जाम कर प्रदर्शन किया गया था. उस समय पुलिस द्वारा एक सप्ताह के अंदर मामले का उद्भेदन करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन घटना के एक वर्ष बीतने के बाद भी खुलासा नहीं हो सका है. जबकि, घटना के इस एक वर्ष में दो डीएसपी व दो थानेदार बदल गये, लेकिन खुलासा नहीं हो सका, जो पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है. इस संबंध में मोहनिया डीएसपी ने बताया यह सही बात है कि फल व्यवसायी हत्या कांड का अभी तक उद्भेदन नहीं हुआ है. पुलिस बहुत जल्द मामले का खुलासा करेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel