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Home बिहार कैमूर Kaimur News : अइसन इलाज के का फायदा, जब भर्ती मरीजन के दवाइयों खाये के पानी नइखे

Kaimur News : अइसन इलाज के का फायदा, जब भर्ती मरीजन के दवाइयों खाये के पानी नइखे

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Kaimur News : अइसन इलाज के का फायदा, जब भर्ती मरीजन के दवाइयों खाये के पानी नइखे

भभुआ सदर. बचवा अईसन इलाज के का फायदा, जब भर्ती होखले के बाद अस्पताल में दवाइयों खायके पानी नईखे. पानी खातिर तीसरा मंजिल से नीचे जाये के पड़ेला, तब पानी मिलेला. गर्मी बढ़ते ही सदर अस्पताल के तीसरी मंजिल पर स्थित भर्ती वार्ड की व्यवस्था को लेकर जब प्रभात खबर की टीम सोमवार को अस्पताल पहुंची, तो अधिकतर मरीज और उनके परिजनों ने भर्ती वार्ड में पेयजल की घोर किल्लत और व्यवस्था नहीं किये जाने पर रोष जताये और भर्ती वार्ड में पेयजल की व्यवस्था कराने की गुहार लगायी. भर्ती मरीज के परिजनों का कहना था कि भर्ती वार्ड में कहीं भी पानी पीने की व्यवस्था नहीं है. पानी के लिए उन्हें तीसरी मंजिल से नीचे जाना पड़ता है और फिर पानी लेकर उन्हें तीसरी मंजिल पर आना पड़ता है. अब जो जवान है वह तो नीचे से पानी लेकर आ जा रहे है, लेकिन सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग मरीज या उनके वैसे परिजनों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें चलने फिरने में दिक्कत है. कुछ मरीज के परिजन तो भर्ती वार्ड में पानी के किल्लत की वजह से मिनरल वाटर खरीदकर ला रहे है. दरअसल, सदर अस्पताल भभुआ में सरकार की ओर से दवा से लेकर डॉक्टर तक तैनात है. इधर, अस्पताल में अब जांच सहित कई तरह की सुविधाएं भी मरीजों को मिलने लगी है, लेकिन इस गर्मी और उमस में भी सदर अस्पताल के तीसरी मंजिल पर स्थित महिला व पुरुष भर्ती वार्ड में अब तक मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की जा सकी है, जिसके चलते मरीज के परिजनों या नाते रिश्तेदारों को पीने के पानी के लिए तीसरी मंजिल से सीढ़िया उतरकर सबसे निचले तल पर जाना और फिर सीढ़िया चढ़ कर ऊपर तीसरी मंजिल पर आना पड़ रहा है. = सीएस के निर्देश के बावजूद नहीं हो सकी पेयजल की व्यवस्था गौरतलब है कि कुछ महीने पूर्व तत्कालीन प्रभारी सीएस रहे व अब एसीएमओ डॉ शांति कुमार मांझी भी निरीक्षण के दौरान तीसरी मंजिल पर स्थित भर्ती वार्ड में पेयजल की समस्या से अवगत हुए थे. इसको लेकर उन्होंने अस्पताल प्रबंधक को भर्ती वार्ड में पेयजल की व्यवस्था के लिए आरओ लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन तत्कालीन सीएस के दिये गये निर्देश के बाद भी तीसरी मंजिल पर स्थित महिला व पुरुष भर्ती वार्ड में पेयजल की व्यवस्था नहीं हो सकी. सोमवार को सदर अस्पताल में बेटी के इलाज कराने आयी रामपुर की सुखदेई देवी ने बताया कि वह अपनी बेटी खुशी देवी को लेकर भर्ती है. लेकिन भर्ती वार्ड में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते बूढ़ी होने के बावजूद तीन मंजिल से सीढ़िया उतर और चढ़ कर पानी लाने में सांस अटक जाती है. पानी के लिए कभी कभी दूसरे का भी सहारा लेना पड़ रहा है. हरनाथपुर निवासी सुभाष राम ने बताया कि वह अपनी पत्नी सावित्री देवी को लेकर अस्पताल में चार दिन से भर्ती है. अस्पताल में हर व्यवस्था है, लेकिन पेयजल के लिए तीसरी मंजिल से उतरकर सबसे नीचे मंदिर के पास पानी लाने जाना पड़ रहा है. = अस्पताल में नल व आरओ मशीन सबसे निचले तल पर स्थित अस्पताल में भर्ती और इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भले ही चिकित्सकों द्वारा पेयजल को स्वच्छ कर पीने की सलाह दी जाती हो, लेकिन इसके इतर अस्पताल के तीसरी मंजिल पर स्थित भर्ती वार्ड में मरीजों को ही शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है. हालांकि, अस्पताल में पानी के लिए नल और आरओ मशीन लगायी गयी है. लेकिन वह सबसे निचले तल पर स्थित है. मरीज के परिजनों को पेयजल की व्यवस्था करने के लिए सीढ़ियां उतरकर नीचे जाना पड़ रहा है. इसके चलते जिले के प्रमुख अस्पताल की यह हालत विभागीय दावों की पोल खोल रही है. = क्या कहते हैं लोग – अपनी मौसी का इलाज कराने अस्पताल में आये है. उनकी मौसी एडमिट है, लेकिन भर्ती वार्ड में पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं है. इसके चलते वह बाजार से पानी खरीदकर ला रहे है. अखिलेश कुमार, हरगांव – पत्नी का इलाज कराने के अस्पताल आये है. लेकिन भर्ती वार्ड में प्यास बुझाने के लिए बड़ी दिक्कत है. 68 साल उम्र होने के चलते वह स्वयं बीमार रहते है, जिसके चलते सीढ़िया उतरकर और फिर चढ़ कर वह पानी नहीं ला सकते. जब घर वाले आते हैं तो उनसे पानी मंगाना पड़ रहा है. रामराज, नीबी – बीमार होने के चलते बहन को भर्ती करायी हूं. लेकिन भर्ती वार्ड में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी होती है. ऊपर से तीसरी मंजिल पर भर्ती वार्ड होने से गर्मी भी अधिक लगती है. नफीसा परवीन, एकता चौक – पत्नी को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आये है, लेकिन भर्ती वार्ड में पानी नहीं मिला. पूछने पर एक नर्स ने बताया कि उन्हें पानी के लिए सबसे नीचे भूतल पर जाना होगा. अब घर से जल्दबाजी में बड़ा बर्तन लेकर नहीं आये, जिसके चलते बोतल में पानी लाने से वह जल्द खत्म हो जा रहा है. सत्येंद्र सिंह, बड़काकला = बोले सिविल सर्जन — सदर अस्पताल के भर्ती वार्ड में पेयजल व्यवस्था उपलब्ध नहीं रहने के संबंध में सिविल सर्जन डॉ चंदेश्वरी रजक ने बताया कि सदर अस्पताल में कार्य शुरू है. भर्ती वार्ड के बाहर भी पेयजल की व्यवस्था जल्द की जायेगी. इसके लिए अस्पताल प्रबंधक शैलेंद्र कुमार को निर्देशित किया जा रहा है.

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