फोटो11.खेत में जलते फसल 12.पशुओं के चारा के लिए रखे पुवाल जलते हुए ट्रांसफाॅर्मर से निकली चिंगारी ने बरपाया कहर, छह गांवों के बधारों में मची अफरातफरी ढाई घंटे के रेस्क्यू के बाद दमकल की चार गाड़ियों ने पाया आग पर काबू पीड़ित किसानों ने आपदा विभाग से मुआवजे की लगायी गुहार. भगवानपुर. अगलगी की एक बड़ी घटना में 40 किसानों के 50 एकड़ खेतों में लगे गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गयी. वहीं, कई किसानों द्वारा पशुओं के चारे के रूप में बधार में रखे गये पुआल के कई ढेर भी अगलगी की भेंट चढ़ गये. यह घटना बीते शुक्रवार की शाम की स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत पहड़ियां पंचायत के पहड़ियां, औसान, निबी व भभुआ प्रखंड के पलका, गोड़हन व मोकरी बधार की बतायी गयी है. घटना के संबंध में पता चला है कि शुक्रवार की शाम जब आंधी उठी थी, तभी आग लगने की यह घटना हुई. आग ने विकराल रूप लेते हुए उक्त सभी छह सिवाना में तेजी से पहुंचकर करीब 200 बीघा जमीन में लगी गेहूं की फसल को अपने आगोश में ले लिया. इस घटना से आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गयी व चारों ओर चीख-पुकार सुनायी देने लगी. गांव के पुरुष, महिला, बच्चे व बूढ़े सभी बाल्टी व अन्य बर्तनों में पानी भरकर खेतों की ओर दौड़ पड़े. लोग डंडे व झाड़ियों से पीट-पीटकर धधकती आग को नियंत्रित करने की कोशिश करने लगे. अगलगी की वजह विद्युत ट्रांसफाॅर्मर से निकली चिंगारी बतायी जा रही है. औसान गांव के छोटू मियां ने बताया कि आंधी के दौरान औसान-मोकरी पथ पर लगे एक ट्रांसफाॅर्मर पर चिड़िया बैठी थी, तभी विस्फोट की आवाज सुनायी दी और उससे निकली चिंगारी खेत में गिर गयी. सूचना मिलते ही भगवानपुर व भभुआ थाने की पुलिस के साथ दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. काफी मशक्कत के बाद करीब ढाई घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पाया गया. तब जाकर प्रशासन, जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों ने राहत की सांस ली. मगर जब तक आग बुझायी जाती, तब तक दर्जनों किसानों के अरमानों पर पानी फिर चुका था. पीड़ित किसानों में औसान गांव के दिनेश पाल, मुन्नी पाल, स्वर्गीय रामकुमार पाल, प्यारे सिंह, भरत सिंह, सोहराब अंसारी, रूपनारायण सिंह, श्रवण सिंह, वीरेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, पिंटू सिंह, हरी सिंह, नीबी गांव निवासी रविंदर गोंड़, मदन यादव, वीरेंद्र यादव, बेची यादव, पच्चास यादव, बसंत पासवान, विक्रांत त्रिपाठी व पहाड़ियां गांव के देवशरण कुशवाहा सहित पलका, मोकरी व गोड़हन के कई अन्य किसान शामिल हैं. पहड़ियां पंचायत के पूर्व मुखिया निर्मल सिंह यादव ने बताया कि पीड़ितों में ज्यादातर मजदूर तबके के किसान हैं, जिन्होंने जमाबंदी पर खेती की थी. घटना के तत्काल बाद उनके द्वारा जिलाधिकारी को सूचित किया गया, जिसके बाद भगवानपुर अंचल की प्रभारी अंचलाधिकारी सह राजस्व पदाधिकारी आरती कुमारी भी घटनास्थल पर पहुंचीं. पूर्व मुखिया नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ टुनटुन सिंह, पैक्स अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह व पूर्व सरपंच शैलेश सिंह भी राहत कार्य में जुटे रहे. पीड़ित किसानों ने आपदा विभाग से क्षतिपूर्ति के लिए अंचल में आवेदन देने की बात कही है, ताकि भविष्य में नये सिरे से जीवन पटरी पर लौट सके. उम्मीद है कि जल्द ही प्रशासन की ओर से सहायता राशि आयेगी.