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बारिश के दगाबाज होने से उमस और गर्मी कर रही लोगों को बीमार

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बारिश के दगाबाज होने से उमस और गर्मी कर रही लोगों को बीमार

भभुआ सदर. पिछले एक महीने से जारी भीषण गर्मी का सीधा असर अब लोगों के शरीर पर पड़ रहा है. गर्मी बढ़ते ही अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है. अस्पताल में चाहे दवा वितरण काउंटर हो या फिर डाक्टर का कक्ष, सभी जगह भीड़ बढ़ने से मरीजों को इलाज कराने में परेशानी उठानी पड़ रही है. बढ़ती गर्मी से सदर अस्पताल में ज्यादातर मरीज उल्टी-दस्त और पेट दर्द के पहुंच रहे हैं. सोमवार को अस्पताल में ऐसे 18 मरीज पहुंचे थे, जिन्हें उल्टी-दस्त व पेट दर्द की शिकायत थी. इसमें से 15 को दवाई देने के बाद घर भेज दिया गया, जबकि तीन को हालत खराब होने के चलते अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. इसके पिछले सप्ताह भी अस्पताल में गर्मी के कारण बीमारी हुए करीब दो दर्जन मरीज अस्पताल पहुंचे थे. आंकड़ों पर गौर करें तो सदर अस्पताल में पिछले 20 दिन में लगातार पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. चिकित्सकों की माने तो डायरिया एक जल जनित बीमारी है. गर्मी बढ़ते ही लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए कहीं से भी पानी खरीदकर पीना शुरू कर देते हैं. इसके अलावा टैंकरों व सप्लाइ का पानी भी कई बार खराब आ जाता है. इसलिए लोगों को इस मौसम में हमेशा साफ पानी या पानी को उबाल कर ही पीना चाहिए. सदर अस्पताल के फिजिशियन डॉ अभिलाष चंद्रा ने बताया कि गर्मी में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है. बच्चे दूषित पानी या फिर अन्य चीज खा लेते हैं. साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए. गर्मी से बचाव के लिए बच्चे का ख्याल रखना चाहिए. जैसे ही उल्टी, सिरदर्द आदि के लक्षण दिखे, तुरंत डॉक्टर की सलाह की लेनी चाहिए. =बच्चे और बुजुर्ग हो रहे ज्यादा बीमार इनदिनों प्रचंड धूप और गर्मी ने जिलेवासियों का जीना मुहाल कर दिया है. प्रत्येक दिन का तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया है. गर्मी के कारण उल्टी दस्त, बुखार, पेट में दर्द, सांस की बीमारी आदि रोग बच्चों में हो रहे हैं. ज्यादातर बच्चे उल्टी दस्त के अलावा वायरल फीवर से भी परेशान हो रहे हैं. रोजाना 8-10 बच्चे सरकारी अस्पताल में गर्मी से होने वाली बीमारी से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं. इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीज उपचार करा रहे हैं. सदर अस्पताल के डॉक्टर विनय तिवारी भी कहते हैं कि ऐसे मौसम को हल्के में लेने की जरूरत नही हैं. क्योंकि, यह मौसम भारी नुकसान पहुंचा सकता है. उतार-चढ़ाव भरे मौसम में बीमारियां तेजी से पनपती हैं. बदलते मौसम के अनुकूल शरीर को ढालना आसान नहीं रह गया है. ऐसे में खुद को बचाये रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतनी जरूरी है. =तेजी से फैलता है संक्रमण इस समय बादलों के बीच निकलने वाली असहनीय धूप और गर्मी के मौसम में संक्रमण तेजी से फैलता है और वैक्टीरिया आदि जीवाणु और रोगाणु के पनपने की क्षमता भी अधिक हो जाती है. इसका मुख्य कारण है वातावरण व जलवायु में बदलाव. शरद गरम के चलते भी सर्दी-जुकाम व वायरल जैसे रोग आसानी से शरीर को घेर लेते हैं. उतार-चढ़ाव भरे मौसम में हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी क्षीण हो जाती है. मौसम में ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स व एसी की आदतों को नहीं छोड़ पाते, जिससे सर्दी-जुकाम या बुखार की गिरफ्त में आ जाते हैं. =ये आदतें हो सकती हैं नुकसानदेह डॉ विनय तिवारी कहते है कि अक्सर देखने में आता है कि हम धूप और गर्मी से पसीने में लथपथ आते हैं और एसी, कूलर या पंखे के सामने बैठ जाते हैं या बाहर से आकर झट से फ्रिज का ठंडा पानी पी लेते हैं. इससे सर्द-गर्म होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसा करने से बचें. सफाई का रखें ध्यान. किसी भी तरह के संक्रमण से बचने के लिए हाथों को साबुन से धोये. आपकी साफ-सफाई संक्रमण को रोकने में मददगार साबित होगी. मौसम में बदलाव आने पर रात को सोते वक्त नमक युक्त गुनगुने पानी से गरारे और भाप लेने की आदत डालें. किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. तला भुना खाने से बचें, इस मौसम में बाहर का बासी, तला-भुना, मिर्च-मसालेवाला कुछ भी खाने से बचें. खूब पानी पीएं और घर का बना हल्का भोजन ही लें. हमेशा साफ व उबला हुआ पानी ही पीएं. =मौसम की चाल समझ से परे हर साल की भांति इस बार भी मौसम की चाल समझ से परे है. कभी तेज धूप हो जाती है, तो कभी आसमान पर बादल घिर आते है. लेकिन, इन सब के बीच उमस और गर्मी ने लोगों को बीमार करना शुरू कर दिया हैं. कुछ ऐसा ही हाल शहर के निजी व प्राइवेट अस्पतालों व क्लिनिकों का है, जहां मुंह अंधेरे से ही मरीजों की संख्या नंबर लगाने के लिए जुटने लग रही है. सदर अस्पताल के डॉ विनय कुमार तिवारी बताते हैं कि इस गर्मी और उमस भरे मौसम का असर सेहत पर पड़ रहा है. इस मौसम ने अधिकतर लोगों को डायरिया, बुखार, पेट दर्द जैसी बीमारियों ने लोगों को जकड़ रखा है. ऐसे में मौसम में सतर्कता बरतनी चाहिए. सदर अस्पताल के डीएस डॉ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है. डायरिया, बुखार आदि के मरीज बढ़े हैं. इसके लिए अस्पताल में मरीजों के लिए फ्लूड से लेकर हर दवा की व्यवस्था की गयी हैं.

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