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Home बिहार कैमूर अधिक पैसे के लालच में बगैर जांच के ही बाहरी लोगों को किराये पर दे दिया जा रहा मकान

अधिक पैसे के लालच में बगैर जांच के ही बाहरी लोगों को किराये पर दे दिया जा रहा मकान

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अधिक पैसे के लालच में बगैर जांच के ही बाहरी लोगों को किराये पर दे दिया जा रहा मकान

मोहनिया शहर. बगैर जांच कराये अधिक पैसे के लालच में मोहनिया के कई गली-मुहल्लों में बाहरी लोगों को भी किराये पर मकान दे दिया जा रहा है, जिसका खुलासा पकड़े गये 18 साइबर अपराधियों से हुआ है. सबसे अहम बात है कि पिछले चार वर्षों से मोहनिया के वार्ड 14 में किराये के मकान पर सभी रह रहे थे, लेकिन, किरायेदाराें का पुलिस वेरिफिकेशन तक नहीं कराया गया था. यहां अधिक पैसे की लालच में लोग बिना जांच पड़ताल के किराये पर अपना मकान दे रहे हैं. मालूम हो कि मोहनिया शहर एनएच-2, रेलवे लाइन व एनएच 30 से सीधे जुड़ा हुआ है. यहां आसानी से बाहरी व्यक्ति आकर किराये पर मकान लेकर रहते हैं, लेकिन किस कार्य से किराया लेकर रहते हैं, इसका पुलिस वेरिफिकेशन तक कराना मकान मालिक उचित नहीं समझते. इसका नतीजा यह होता है कि कई गलत कार्य में लगे किरायेदार ऐसे मकान मालिकों के गले की फांस तक बन जाते हैं. मालूम हो कि रविवार को साइबर ठगी के आरोप में कैमूर पुलिस द्वारा 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो लोन देने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे. उन्हें पुलिस द्वारा मोहनिया के वार्ड 14 स्थित बुद्धा कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया, जो पिछले चार वर्ष से किराये के मकान में रहते थे. अब सवाल यह खड़ा होता है कि क्या मकान मालिक द्वारा किराये पर रह रहे सभी 18 लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया था या नहीं जो जांच का विषय है. जबकि, कई बाहरी लोग जो मोहनिया शहर के अलग-अलग वार्डों में रहते हैं, जिनका पुलिस वेरिफिकेशन बहुत जरूरी है. कैमूर पुलिस द्वारा पकड़े गये 18 साइबर अपराधी मोहनिया के वार्ड 14 स्थित दिनेश गुप्ता का दो मंजिला मकान पूरा किराये पर लिये हुए थे, जिसका किराया 30 हजार रुपये दिया जाता था. जानकारी के अनुसार, पूरे दो मंजिला मकान में दूसरा कोई नहीं रहता था, जहां सभी आठ कमरों में सभी गिरफ्तार किये गये आरोपित ही रहते थे और पिछले करीब चार वर्ष से किराया पर मकान लेकर साइबर ठगी का कार्य कर रहे थे, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. # किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना जरूरी अतिरिक्त आमदनी के लिए अक्सर मकान मालिक अपना मकान दूरदराज के अनजान व्यक्तियों को भी किराये पर देते हैं. लेकिन, अधिकतर लोग मकान किराये पर देने से पहले जरूरी सावधानियां नहीं बरतते और इस कारण कई बार वे मुश्किल में भी पड़ जाते हैं. क्योंकि, किरायेदार द्वारा किये गये किसी भी गलत-सही काम का असर मकान मालिक को भी बुरी तरह प्रभावित करता है. जबकि, किसी भी किरायेदार को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के मकान किराया पर देने पर किरायेदार द्वारा किये गये गलत कामों के लिए मकान मालिक पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है. # मकान किराये पर देने से पहले बरतनी चाहिए ये सावधानियां -मकान को किराये पर देने से पहले किरायेदार की पूरी जांच करनी चाहिए. -किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना भी जरूरी होता है. -पुलिस वेरिफिकेशन का फॉर्म संबंधित राज्य की पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध होता है. -किरायेदार की पुलिस वेरिफिकेशन न करवाने की स्थिति में मकान मालिक को जुर्माना देना पड़ सकता है. -मकान मालिक को किरायेदार के काम और उसके ऑफिस के बारे में भी जानकारी इकट्ठा करना चाहिए. -घर किराये पर देने से पहले मौखिक आधार पर रेंट एग्रीमेंट न बनवाएं, बल्कि इसके लिए प्रॉपर नियम को फॉलो करें. # क्या कहते हैं थानाध्यक्ष इस संबंध में मोहनिया थानाध्यक्ष प्रियेश प्रियदर्शी ने बताया किसी भी किरायेदार को मकान किराये पर देने के पहले किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना जरूरी होता है, यह जिम्मेदारी मकान मालिक की है. साथ ही कहा कि सभी मकान मालिकों से अनुरोध है की किसी भी किरायेदार को किराया देने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं.

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