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Home बिहार कैमूर अनुभवात्मक गतिविधियों से कर्मियों ने महसूस की दिव्यांगजनों की चुनौतियां

अनुभवात्मक गतिविधियों से कर्मियों ने महसूस की दिव्यांगजनों की चुनौतियां

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अनुभवात्मक गतिविधियों से कर्मियों ने महसूस की दिव्यांगजनों की चुनौतियां

लिच्छवी भवन में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने को जीविका की कार्यशाला भभुआ शहर. लिच्छवी भवन में सोमवार को जीविका कैमूर के तत्वावधान में पीडब्ल्यूडी कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सामाजिक विकास के क्षेत्र में कार्यरत जीविका के जिला व प्रखंड स्तर के कर्मियों में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता, समझ व सहानुभूति विकसित करना था. कार्यशाला के दौरान जीविका के सभी जिला व प्रखंड कर्मियों ने विभिन्न अनुभवात्मक गतिविधियों के माध्यम से यह महसूस किया कि दिव्यांगजन अपने दैनिक जीवन में किन-किन चुनौतियों का सामना करते हैं. इन गतिविधियों ने कर्मियों को दिव्यांगजनों की वास्तविक परिस्थितियों से रूबरू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. कार्यशाला में करायी गयी प्रमुख गतिविधियों में व्हीलचेयर की सहायता से रास्ता तय करना, बैसाखी का उपयोग कर सीढ़ियों पर चढ़ना व उतरना, आंखों पर काली पट्टी बांधकर लाठी की मदद से चलना, आंखों पर पट्टी बांधकर इ-रिक्शा में बैठना तथा धन का आदान-प्रदान करना जैसी गतिविधियां शामिल रहीं. इन गतिविधियों के माध्यम से कर्मियों ने न केवल शारीरिक बाधाओं को महसूस किया, बल्कि सामाजिक परिवेश में दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को भी गहरायी से समझा. कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किये व यह संकल्प लिया कि भविष्य में योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को विशेष रूप से ध्यान में रखा जायेगा. इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक कुणाल कुमार शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं कर्मियों की सोच में सकारात्मक बदलाव लाती हैं व समावेशी समाज के निर्माण में सहायक सिद्ध होती हैं. उन्होंने सभी कर्मियों से अपील की कि वे अपने कार्यक्षेत्र में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता व सहयोग की भावना को प्राथमिकता दें. कार्यक्रम में जीविका के सभी जिला कर्मी व प्रखंड स्तर के कर्मी उपस्थित रहे.

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