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Home बिहार कैमूर खानापूर्ति के लिए नाला उड़ाही हुआ शुरू, बरसात आते ही खुलने लगती है पोल

खानापूर्ति के लिए नाला उड़ाही हुआ शुरू, बरसात आते ही खुलने लगती है पोल

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खानापूर्ति के लिए नाला उड़ाही हुआ शुरू, बरसात आते ही खुलने लगती है पोल

भभुआ सदर. बरसात के मौसम को आने में अभी लगभग दो महीने हैं, लेकिन भभुआ नगर पर्षद द्वारा शहर को बरसात के पानी से डूबने से बचाने के लिए अभी से ही नाला उड़ाही का काम शुरू करा दिया गया है. हालांकि, हर साल बरसात से पहले नप द्वारा युद्ध स्तर पर नाला उड़ाही का काम शुरू किया जाता है और दावा किया जाता है कि इस बरसात शहर को डूबने नहीं दिया जायेगा, लेकिन बरसात के आते ही किश्तों में नगर पर्षद के इन दावों की पोल खुलने लगती है और इसका खामियाजा शहरवासियों को एकता चौक सहित जगह-जगह लगने वाले भारी जलजमाव से भुगतना पड़ता है. इस बार भी बरसात से पहले नगर पर्षद के अधिकारियों ने शहर को जलभराव से मुक्त करने का दावा कर रहे हैं. इस दावे को साबित करने के लिए नप अपने पूरे दल बल व जेसीबी, ट्रैक्टर के साथ नालों की साफ-सफाई में जुटे हैं. लेकिन हर बार की तरह इस बार भी शहर के विभिन्न इलाकों में नाले पर अतिक्रमण और क्षतिग्रस्त बड़े नाले इसमें बाधा बन रहे है. इधर, अतिक्रमण के कारण भी नाले की पूरी तरह से सफाई नहीं हो पा रही हैं. = सभी प्रमुख नालों में गंदगी का अंबार दरअसल, नगर पर्षद के दायरे में शहर में लगभग दो दर्जन से अधिक छोटे और बड़े नाले आते हैं, जो साल भर मोटी सिल्ट और गंदगी से अटे रहते हैं. जमा गंदगी के कारण पानी के ऊपर मोटी कूड़े की परत बन चुकी है. ऐसे में जरा सी बारिश में नाले के पानी के साथ गंदगी सड़कों पर आ जाती है. हालांकि, इस गंदगी को साफ करने के लिए अभी से नप ने अभियान चलाया हुआ है, जो जून माह के अंत तक चलेगा. = अतिक्रमण से रुक सकता है अभियान वैसे शहर में फिलहाल मुख्य नाला और भभुआ थाना से सुवरन नदी तक बने नाले और एकता चौक से जय प्रकाश चौक और एकता चौक से अखलासपुर स्टैंड तक बने प्रमुख नालों पर पूरी तरह से अतिक्रमणकारियों ने कब्जा जमा रखा हैं. जबकि, गली मुहल्लों में बनी नालियों पर क्षेत्रीय लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है. इस कारण से नालों के सफाई अभियान पर ब्रेक लग रहा है. अतिक्रमण के कारण नाले की सिल्ट व कूड़ा हटाने में परेशानी आ रही है. नगर पर्षद के सफाई निरीक्षक संजीव राज झिलमिल ने बताया कि जेसीबी व कर्मियों के साथ नालों की सफाई करायी जा रही हैं. लेकिन, देवी जी रोड में जिला पर्षद के दुकानों के नाले पर ही बने होने और दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण कर लिये जाने से सफाई अभियान में दिक्कत आ रही हैं. निरीक्षक का कहना था कि कुछ ऐसा ही एकता चौक से मुनि सिंह की गली होते निकले नाले का हैं. यहां, मुख्य नाले पर ही जिला पर्षद की दुकान बनवा देने से नाले के अंदर की सफाई नहीं की जा सकी हैं. जबकि, एकता चौक से अखलासपुर बस स्टैंड तक मुख्य नाला कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिसके चलते भी सफाई कराने में दिक्कत आ रही है. = बरसात के पानी में डूब जाते हैं कई वार्ड शहर का एकता चौक हो या फिर कचहरी रोड या फिर चकबंदी रोड बरसात के मौसम में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण वहां के लोगों के घरों में जलजमाव हो जाता है. शहर के प्रोफेसर कॉलोनी का पिछला हिस्सा, आंबेडकर नगर आदि वार्डों में पानी के निकासी की समस्या गंभीर है. यदि नालों की सफाई समय रहते नहीं किया गया, तो बरसात में काफी परेशानी लोगों को झेलनी पड़ती है, जिसको देखते हुए सफाई की जा रही है. कई जगहों पर पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती है. ऐसी परिस्थिति में लोगों का घर से निकलना तक दूभर होता है. अगर इस बार नालों की सफाई सही ढंग से हो जाती है, तो लोगों को बरसात में काफी राहत मिलेगी. = बोले इओ बरसात से पूर्व शहर में नालों की हो रही साफ सफाई पर नगर पर्षद के इओ संजय उपाध्याय ने बताया कि शहर में दिन रात नालों की सफाई करायी जा रही हैं. हमलोगों का प्रयास है कि इस बार बारिश के मौसम में शहरवासियों को जलजमाव की समस्या से जूझना नहीं पड़े.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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