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Home बिहार कैमूर भाषा और गणित में कमजोर बच्चों को मिल रही नई उड़ान, 37 केंद्रों पर समर कैंप शुरू

भाषा और गणित में कमजोर बच्चों को मिल रही नई उड़ान, 37 केंद्रों पर समर कैंप शुरू

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भाषा और गणित में कमजोर बच्चों को मिल रही नई उड़ान, 37 केंद्रों पर समर कैंप शुरू
समर कैंप में भाषा और गणित की विशेष कोचिंग लेते छात्र-छात्राएं.

Kaimur News : (राजू कुमार की रिपोर्ट)

प्रखंड क्षेत्र के सरकारी मध्य विद्यालयों में अध्ययनरत कमजोर बच्चों को भाषा और गणित में दक्ष बनाने के उद्देश्य से 1 जून से 30 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है. प्रथम संस्था के सहयोग से संचालित इस विशेष अभियान के तहत प्रखंड में 37 केंद्र बनाए गए हैं, जहां बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

लेखापाल हिमांशु शेखर पांडेय ने गुरुवार को बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा पांच एवं छह में अध्ययनरत ऐसे छात्र-छात्राओं को इस कैंप से जोड़ा गया है, जिनकी भाषा और गणित की दक्षता अपेक्षाकृत कमजोर पाई गई है. प्रत्येक केंद्र पर 10 से 15 बच्चों का समूह बनाकर कुल 520 बच्चों को पढ़ाया जा रहा है.

46 स्वयंसेवक संभाल रहे शिक्षण की जिम्मेदारी

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विभिन्न विद्यालयों से 46 स्वयंसेवकों का चयन किया गया है. प्रत्येक मध्य विद्यालय में दो से तीन स्वयंसेवक निःशुल्क सेवा भाव से बच्चों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं.

शिक्षा सेवक और स्वयंसेवक ‘असर टूल’ के माध्यम से चिन्हित बच्चों को प्रतिदिन एक से डेढ़ घंटे तक भाषा और गणित की विशेष कोचिंग दे रहे हैं. कैंप में बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए रोचक और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जा रही है.

समुदाय स्तर पर संचालित हो रहा कार्यक्रम

समर कैंप का संचालन पूरी तरह समुदाय स्तर पर किया जा रहा है. गांव और टोला स्तर पर लगाए गए केंद्रों के लिए संबंधित मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक श्यामपट्ट, चॉक, डस्टर सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं.

साथ ही प्रतिदिन संचालित गतिविधियों का प्रतिवेदन एवं फोटोग्राफ प्रखंड और जिला स्तर के व्हाट्सएप समूहों में भेजा जा रहा है, जिससे कार्यक्रम की सतत निगरानी की जा सके.

राज्य और जिला स्तर से हो रहा अनुश्रवण

लेखापाल हिमांशु शेखर पांडेय ने बताया कि समर कैंप 2026 की निगरानी राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही है. इसके अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है.

बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) तेजस्विनी आनंद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई बच्चों का लर्निंग लेवल अपेक्षाकृत कम हो गया है, विशेषकर भाषा और गणित विषयों में. गर्मी की छुट्टियों के दौरान आयोजित यह समर कैंप बच्चों को शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाने और नए सत्र में उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है.

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राजीव कुमार कंटेंट राइटर राजीव कुमार प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं. खबरों के संपादन के क्षेत्र में उनके पास तीन साल का अनुभव है. प्रभात खबर डिजिटल के पटना कार्यालय से जुड़ने से पहले वे भागलपुर में हिंदुस्तान और दैनिक भास्कर अखबार की संपादकीय टीम में काम कर चुके हैं. बिहार की राजनीतिक, सामाजिक जीवन से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ रखते हैं. विशेषज्ञता राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है. पत्रकारिता अनुभव राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम,खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. करीब एक साल तक हिंदुस्तान अखबार में काम करने बाद दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला.दैनिक भास्कर में जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.करीब दो साल तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद प्रभात खबर डिजिटल में पारी की शुरुआत की. शिक्षा/पुरस्कार मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.
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