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अनुसूचित जाति आयोग की दो सदस्यीय टीम ने किया सघन निरीक्षण

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अनुसूचित जाति आयोग की दो सदस्यीय टीम ने किया सघन निरीक्षण

मंडलकारा व सदर अस्पताल में कई खामियां उजागर, तत्काल सुधार के निर्देश जिला कारागार में भोजन व अनुशासन की जांच, जेल प्रशासन को कड़ी फटकार भभुआ शहर. राज्य अनुसूचित जाति आयोग की दो सदस्यीय जांच टीम संजय कुमार व रूबेल रविदास ने जिले में अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए भभुआ मंडलकारा, सदर अस्पताल, पुलिस लाइन तथा विद्यालयों का विस्तृत निरीक्षण किया. इस निरीक्षण का उद्देश्य विभिन्न विभागों में व्याप्त अनियमितताओं की जांच कर पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना था. जिला कारागार के निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम को बंदियों द्वारा भोजन व्यवस्था, रहन-सहन और आंतरिक अनुशासन को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई. जांच में पाया गया कि जेल में बंदियों को दिया जाने वाला भोजन निर्धारित मेनू के अनुसार नहीं दिया जा रहा है. वहीं, गुणवत्ता और मात्रा इन दोनों ही स्तर पर भी कमियां पायी गयी. इसके अलावा अन्य कई व्यवस्थाएं भी संतोषजनक नहीं पायी गयी, जिस पर टीम ने जेल प्रशासन को कड़ी फटकार लगायी और तत्काल इसे लेकर सुधार करने के निर्देश दिये गये. निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि जेल के अंदर कुछ सजायाफ्ता बंदी स्वयं को प्रभावशाली मानते हुए अन्य बंदियों पर अनावश्यक दबाव बनाते हैं और हुक्मरानों की तरह व्यवहार करते हैं. इस गंभीर शिकायत को सही पाते हुए आयोग की टीम ने ऐसे बंदियों को सेल के अंदर रखने का आदेश दिया, ताकि जेल में अनुशासन और समानता बनी रहे तथा कमजोर वर्ग के बंदियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो. इसके पश्चात आयोग की टीम ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. यहां भी मरीजों द्वारा शिकायत की गयी थी कि चिकित्सक कई बार उपलब्ध दवाइयों के रहने के बावजूद बाहर से दवा खरीदने के लिए लिख देते हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है. टीम ने अस्पताल में मौजूद दवाइयों के स्टॉक की गहन जांच की, जिसमें दवाइयों की उपलब्धता पर्याप्त और सही पायी गयी. इस पर आयोग ने संबंधित चिकित्सकों व अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिया कि जो दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध हैं वही मरीजों को लिखी जाये और बाहर से दवा मंगाने की प्रथा पर तत्काल रोक लगायी जाये. = पुलिस लाइन में लापरवाही पर नोटिस पुलिस लाइन के निरीक्षण के क्रम में आयोग की टीम को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही देखने को मिली. निरीक्षण के समय सार्जेंट मेजर अनुपस्थित पाये गये. इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए आयोग की टीम ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और भविष्य में इस तरह की अनियमितता नही पाये जाने की चेतावनी दी गयी. = विद्यालय में व्यवस्था संतोषजनक वहीं, राज्य अनुसूचित जाति आयोग की दो सदस्यीय टीम ने कई विद्यालयों का निरीक्षण किया, जहां अधिकतर विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्थाएं संतोषजनक पायी गयी. इस दौरान खासकर छात्रों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था तथा उपलब्ध मूलभूत सुविधाएं की जांच की गयी जो संतोषजनक पायी गयी, जिस पर आयोग की टीम ने भी काफी संतोष व्यक्त किया. = जनसुनवाई में 65 आवेदनों का किया निबटारा निरीक्षण व जनसुनवाई के दौरान आयोग की टीम ने अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े पीड़ितों द्वारा दिये गये 65 आवेदनों की सुनवाई की, जहां अधिकांश मामलों का मौके पर ही निबटारा कर दिया गया. जबकि, शेष मामलों में संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिये गये. आयोग की टीम ने स्पष्ट कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों की समस्याओं और शिकायतों को हल्के में लेना बर्दाश्त नहीं की जायेगी. संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिया गया कि भविष्य में ऐसी शिकायतें न आये, इसके लिए व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील बनाया जाये.

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