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Home बिहार कैमूर किसान के बेटे पंकज कुमार पासवान ने BPSC में लहराया परचम, तीन बार इंटरव्यू में फेल होने के बाद भी नहीं छोड़ी तैयारी

किसान के बेटे पंकज कुमार पासवान ने BPSC में लहराया परचम, तीन बार इंटरव्यू में फेल होने के बाद भी नहीं छोड़ी तैयारी

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किसान के बेटे पंकज कुमार पासवान ने BPSC में लहराया परचम, तीन बार इंटरव्यू में फेल होने के बाद भी नहीं छोड़ी तैयारी
अपनी माँ के साथ पंकज कुमार पासवान. फोटो- प्रभात खबर

कैमूर से विनोद कुमार सिंह की रिपोर्ट
70th BPSC Result 2026 :
मजबूत इरादे और कठिन परिश्रम के दम पर मोहनिया प्रखंड के एक किसान के बेटे ने बड़ी सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. मोहनियां प्रखंड के अमेठ गांव निवासी विजय कुमार पासवान के बेटे पंकज कुमार पासवान ने 70वीं बीपीएससी (BPSC) परीक्षा में 3667 रैंक प्राप्त की है. उनका चयन ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) के पद पर हुआ है.

तीन बार इंटरव्यू में असफल, लेकिन नहीं मानी हार

पंकज की सफलता का सफर संघर्ष और धैर्य की एक बड़ी मिसाल है. इससे पहले वे लगातार तीन बार बीपीएससी की मुख्य परीक्षा (मेन्स) पास करके इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन फाइनल लिस्ट में उनका चयन नहीं हो सका था. इस लगातार असफलता के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी तैयारी जारी रखी. आखिरकार चौथे प्रयास में उनका ग्रामीण विकास पदाधिकारी बनने का सपना सच हो गया.

Kaimur News : साधारण किसान परिवार से है नाता

पंकज एक बहुत ही साधारण किसान परिवार से आते हैं. उनके पिता विजय पासवान एक छोटे किसान हैं और माता एक गृहिणी (हाउसवाइफ) हैं. परिवार में दो भाई और एक बहन हैं. उनके बड़े भाई विकास कुमार पासवान वर्तमान में बिहार पुलिस में जवान के रूप में सीवान जिले में तैनात हैं. सीमित संसाधनों और कम पैसों के बावजूद पूरे परिवार ने पंकज की पढ़ाई और तैयारी में हमेशा पूरा साथ दिया.

8 साल दिल्ली में रहकर किया BPSC की तैयारी

पंकज कुमार पासवान की प्रारंभिक शिक्षा गांव के आसपास ही हुई. उन्होंने साल 2008 में शारदा ब्रजराज उच्च विद्यालय से मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा पास की. इसके बाद साल 2010 में महाराणा प्रताप कॉलेज, मोहनियां से इंटरमीडिएट (12वीं) और साल 2013 में इसी कॉलेज से बीसीए (BCA) की डिग्री हासिल की. इसके बाद साल 2018 में वे प्रशासनिक सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए, जहाँ उन्होंने करीब आठ सालों तक लगातार कड़ी मेहनत की.

अब UPSC है अगला टारगेट

अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय पंकज ने अपने माता-पिता के आशीर्वाद, भाई-बहनों के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है. उन्होंने कहा कि बीडीओ बनना उनके जीवन का एक बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन उनका अंतिम सपना संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास करके देश की सेवा करना है, जिसके लिए वे आगे भी अपनी कोशिश जारी रखेंगे.

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