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आठ साल बाद भी 359 टोलों ने नल जल योजना का नहीं देखा मुंह

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आठ साल बाद भी 359 टोलों ने नल जल योजना का नहीं देखा मुंह

भभुआ. सरकार के सात निश्चय में शामिल हर घर नल का जल योजना आठ साल बाद भी जिले के 359 टोलों पर अब तक नहीं पहुंच सकी है. इसका खुलासा सरकार के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा पंचायत वार कराये गये सर्वे के बाद हुआ है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के सात निश्चय में शामिल नल जल योजना की शुरूआत जिले में लगभग आठ साल पहले ही हुई थी. योजना के प्रथम चरण में योजना का क्रियान्वयन पंचायती राज विभाग की देखरेख में वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंधन समितियों द्वारा कराया गया. लेकिन, शिकायतों का पिटारा बढ़ते ही सरकार ने इसे लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के जिम्मे लगा दिया और पंचायती राज विभाग द्वारा क्रियान्वित नल जल योजनाओं की भी जिम्मेवारी लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को सौंप दिया गया. वर्तमान में पंचायती राज विभाग द्वारा क्रियान्वित 1060 योजनाएं और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा क्रियान्वित 1014 योजनाओं का संचालन लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के जिम्मे हैं. लेकिन, सब कुछ के बावजूद आठ सालों के बाद भी जिले के 359 टोलों ने सरकार की इस नल जल योजना का मुंह अब तक नहीं देखा है. इधर, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता रवि प्रकाश के अनुसार पंचायती राज विभाग द्वारा क्रियान्वयन किये जाने के समय में ही ये टोले नल जल योजना से छूट गये थे. इसका सर्वे जब विभागीय स्तर से कराया गया, तो जिले के छूटे 359 टोले नल जल योजना से आच्छादित नहीं पाये गये. गौरतलब है कि यह तो योजना से पूरी तरह शत प्रतिशत वंचित चलने वाले टोलों की स्थिति है. लेकिन, चालू योजनाओं के हाल में जांच पर नजर डालें तो यहां भी बहुत बेहतर स्थिति सामने नहीं दिखायी देती है. क्योंकि, जांच में जिले के कई वार्डों में जहां नल जल योजना बंद पायी गयी थी, तो दूसरी तरफ जिले के कई वार्डों में चालू नल जल योजनाओं से भी सभी वार्ड निवासियों को पानी नहीं मिल पा रहा था. = वंचित टोलों के लिए प्राक्कलन तैयार कर भेजा फिलहाल, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा कराये गये सर्वे के अनुसार नल जल योजना से छूटे हुए जिले के 359 टोलों पर 24 हजार 503 घरों को अभी भी नल जल योजना का लाभ नहीं मिल पाया है. इसे लेकर इन टोलों पर योजना के क्रियान्वयन से लेकर वंचित घरों तक पाइप कनेक्शन कराने आदि का प्राक्कलन विभाग द्वारा तैयार किया जा चुका है. इस संबंध में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि सर्वे कार्य पूरा कर लिये जाने के बाद इन टोलों पर नल जल योजना लगाने का प्राक्कलन तैयार कर सरकार को भेज दिया गया है. उसे अभी सरकार स्तर से स्वीकृति नहीं मिली है. उम्मीद है सरकार की अगली कैबिनेट बैठक में इन योजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी. स्वीकृति मिलते ही योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए टेंडर निकाल कर काम शुरू करा दिया जायेगा. नल जल योजना से वंचित टोलों व घरों की प्रखंडवार सूची प्रखंड टोले घर भभुआ 40 2554 भगवानपुर 28 1457 चैनपुर 29 1766 चांद 22 1078 दुर्गावती 40 2115 कुदरा 27 1145 मोहनिया 51 3657 नुआंव 49 2805 रामगढ़ 51 2782 रामपुर 22 1252 अधौरा 00 00 इन्सेट बंद अधिकतर योजनाओं का क्रियान्वयन पंचायती राज विभाग ने कराया भभुआ. जिले में अभी हाल में ही सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा थर्ड पार्टी के माध्यम से करायी गयी नल जल योजनाओं की जांच में यह भी सामने आया कि अधिकतर बंद पायी गयी योजनाओं का क्रियान्वयन योजना के प्रथम चरण में पंचायती राज विभाग के निर्देशन में वार्ड व प्रबंधन क्रियान्वयन समितियों द्वारा कराया गया था. उदाहरण के लिए मोहनिया प्रखंड की मुजान पंचायत के 10 वार्डों में से आधे से अधिक वार्डों में नल जल योजना बंद पायी गयी थी. मुजान पंचायत की जांच में वार्ड दो, तीन, चार, पांच, सात और आठ में नल जल योजना बंद पायी गयी थी. इन सब योजनाओं का क्रियान्वयन प्रथम चरण में वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंधन समिति के माध्यम से कराया गया था. यहीं नहीं इस पंचायत के वार्ड छह, नौ और 10 में योजना तो चालू थी, पर पाइप टूटा हुआ था. इधर, पीएचइडी विभाग के सहायक अभियंता सौरभ कुमार के अनुसार जांच में बंद पायी गयी 186 नल जल योजनाओं में 140 योजनाओं का क्रियान्वयन पंचायती राज विभाग के माध्यम से हुआ था.

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