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मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना में अब तक 1600 किसानों ने किया आवेदन

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मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना में अब तक 1600 किसानों ने किया आवेदन

भभुआ. मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना में अब तक जिले के विभिन्न प्रखंडों से 1600 किसानों का आवेदन लघु जल संसाधन विभाग को प्राप्त हुआ है. अंतिम तिथि 15 जनवरी तक ही इच्छुक किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस योजना में सरकार विभिन्न श्रेणी के आवेदकों को 50 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है. गौरतलब है कि सात निश्चय पार्ट दो के तहत हर खेत को पानी देने के अभियान में बिहार में मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना लागू की गयी है. इसका उद्देश्य पटवन के लिए सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध कराना है. इसके एवज में सरकार किसानों को बोरिंग करने और मोटर पंप लगाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है. इधर, इस संबंध में जानकारी देते हुए लघु जल संसाधन विभाग की सहायक अभियंता अंजू कुमारी ने बताया कि अब तक 1600 किसानों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया गया है. जबकि, आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी के बाद समाप्त हो जायेगी. उन्होंने बताया कि जिले के पहाड़ी प्रखंड रामपुर तथा अधौरा प्रखंड से किसानों के कम आवेदन आये हैं. जबकि, सरकार इस योजना में भारी अनुदान देकर किसानों के हर खेत तक पानी पहुंचाने का संकल्प कर रखी है, ताकि सिंचाई की बेहतर सुविधा पाकर किसान अपने उत्पादन को बढ़ा सकें. इस योजना में कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं है. जितने भी किसान आवेदन करेंगे, उन आवेदनों के सत्यापन के बाद सभी किसानों को योजना का लाभ दिया जायेगा. बैंक खाते में होगा अनुदान का भुगतान मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना में सरकार किसानों को 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है. इस संबंध में जानकारी देते हुए लघु जल संसाधन विभाग की सहायक अभियंता ने बताया कि अनुदान तीन श्रेणियों में दिया जायेगा. सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिए 70 प्रतिशत तथा एससी वर्ग के लिए 80 प्रतिशत अनुदान है. उन्होंने बताया कि बोरिंग में सरकार 15 से 70 मीटर की गहराई तक और दो से पांच एपपी के मोटर पंप पर मूल्य के हिसाब से अनुदान देगी. अनुदान का भुगतान आधार लिंक बैंक खाते में किया जायेगा. एक कृषक को एक ही बार अनुदान मिलेगा. ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आधार, जाति प्रमाण पत्र, एलपीसी आदि कागजात लगाने हैं. इन्सेट पहाड़ी प्रखंडों में निजी नलकूप योजना को ले उत्साहित नहीं हैं किसान प्रतिनिधि, भभुआ. हर खेत को सिंचाई देने के लिए सरकार द्वारा चालू किये गये मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना का लाभ लेने में अन्य प्रखंडों के बजाय जिले के पहाड़ा प्रखंड अधौरा, रामपुर आदि में किसान बहुत उत्साहित नहीं है. इसका खुलासा दो दिन पूर्व जिलाधिकारी द्वारा की गयी निजी नलकूप योजना की समीक्षात्मक बैठक में सामने आया. बैठक में समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जिले के अधौरा, रामपुर प्रखंड में अब तक इस योजना में सबसे कम आवेदन पड़े हैं. इसे लेकर जिलाधिकारी द्वारा जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि कृषि समन्वयकों तथा किसान सलाहकारों के माध्यम से इन प्रखंडों में किसानों को सरकार की इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाये. गौरतलब है कि इस योजना का उद्देश्य इस योजना का क्रियान्वयन सीमित सिंचाई वाले तथा बुनियादी ढांचे वाले सिंचाई साधनों के वंचित क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित करना है. इसमें पहाड़ी प्रखंड प्राथमिकता श्रेणी में ही आते हैं. लेकिन, इन प्रखंडों के सूदरवर्ती इलाकों में नलकूप चलाने के लिए बिजली की समस्या और बोरिंग करने में पहाड़ी चट्टानों की बाधा किसानों को बहुत उत्साहित नहीं कर पा रही है. इधर, कम आवेदन पड़ने के कारण पर लघु जल संसाधन विभाग की सहायक अभियंता अंजू कुमारी ने बताया कि अधौरा में बिजली की समस्या के कारण कम आवेदन आये हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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