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Home बिहार जहानाबाद जहानाबाद की शिखा कुमारी बनीं राजस्व अधिकारी: पिता पढ़ाते हैं ट्यूशन, लोन लेकर की पढ़ाई, बिना कोचिंग के पाई सफलता

जहानाबाद की शिखा कुमारी बनीं राजस्व अधिकारी: पिता पढ़ाते हैं ट्यूशन, लोन लेकर की पढ़ाई, बिना कोचिंग के पाई सफलता

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जहानाबाद की शिखा कुमारी बनीं राजस्व अधिकारी: पिता पढ़ाते हैं ट्यूशन, लोन लेकर की पढ़ाई, बिना कोचिंग के पाई सफलता
BPSC परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली शिखा कुमारी की तस्वीर. फोटो - प्रभात खबर

जहानाबाद से संजय अनुराग की रिपोर्ट
BPSC 70th Success Story :
कहते हैं कि जब मन में कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो गरीबी कभी भी आड़े नहीं आती. इसे सच कर दिखाया है जहानाबाद जिले के काको प्रखंड अंतर्गत पिंजौरा गांव की रहने वाली शिखा कुमारी ने. शिखा ने बीपीएससी (BPSC) की परीक्षा पास कर राजस्व अधिकारी (रेवेन्यू ऑफिसर) का पद हासिल किया है. शिखा के पिता दयानंद कुमार गांव के गरीब बच्चों को प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं.

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Bpsc में सफलता के बाद शिखा कुमारी अपने माता-पिता के साथ

आर्थिक तंगी ने बढ़ाया हौसला, बचपन में ही तय कर लिया था सफलता का लक्ष्य

उनके पास न तो कोई सरकारी नौकरी थी, न ही किसी प्राइवेट स्कूल में परमानेंट काम और न ही गांव में कोई खेती-बाड़ी. घर की आर्थिक तंगी को देखकर शिखा ने बचपन में ही पढ़-लिखकर बड़ा मुकाम पाने का संकल्प ले लिया था.

मुफ्त शिक्षा से मिली मजबूती, मगध महिला कॉलेज तक पहुंचा सफर

शिखा ने अपनी शुरुआती मेहनत के दम पर जवाहर नवोदय विद्यालय की परीक्षा पास की, जिससे उनकी 12वीं तक की पढ़ाई मुफ्त हो गई. उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय जहानाबाद से 10वीं और पटना नवोदय से 12वीं की परीक्षा पास की. इसके बाद उन्होंने पटना के मगध महिला कॉलेज में हिंदी साहित्य (स्नातक) में एडमिशन लिया.

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ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए लेना पड़ा एजुकेशन लोन

इस साधारण ग्रेजुएशन की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए भी उन्हें बैंक से एजुकेशन लोन लेना पड़ा. हालांकि, बाद में उनकी माता प्रतिमा कुमारी का चयन आंगनबाड़ी सेविका के रूप में हो गया, जिससे घर की माली हालत में थोड़ा सुधार हुआ.

बिना किसी महंगी कोचिंग के यूट्यूब और सेल्फ स्टडी से पाई सफलता

शिखा ने बीपीएससी की तैयारी के लिए कोई महंगी ऑनलाइन या ऑफलाइन कोचिंग जॉइन नहीं की. साल 2021 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद वे पूरी तरह से सिविल सेवा की तैयारी में जुट गईं. उन्होंने घर पर रहकर खुद से पढ़ाई (सेल्फ स्टडी) की और इंटरनेट पर यूट्यूब का सहारा लिया. कोचिंग के पैसे न होने के कारण उन्होंने पटना में मुख्य परीक्षा (मेन्स) के लिए सिर्फ 6500 रुपये की एक टेस्ट सीरीज जॉइन की थी.

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जहानाबाद की शिखा कुमारी बनीं राजस्व अधिकारी: पिता पढ़ाते हैं ट्यूशन, लोन लेकर की पढ़ाई, बिना कोचिंग के पाई सफलता 4

चौथे प्रयास में मिली कामयाबी, पूरे बिहार में आई 1774वीं रैंक

शिखा कुमारी ने अपने चौथे प्रयास (फोर्थ अटेम्प्ट) में इस परीक्षा को पास किया है. इससे पहले वे अपने पहले प्रयास में इंटरव्यू तक और दूसरे प्रयास में मुख्य परीक्षा (मेन्स) तक पहुंची थीं. अपनी लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार इस साल उन्होंने बीपीएससी पास कर ली और पूरे राज्य में 1774वीं रैंक हासिल की.

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माता-पिता के सहयोग को बताया सफलता की सबसे बड़ी ताकत

शिखा अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं, जिन्होंने हर मुश्किल परिस्थिति और आर्थिक तंगी के बावजूद हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. शिखा की यह कहानी आज ग्रामीण इलाकों की गरीब बेटियों के लिए प्रेरणा की एक बड़ी मिसाल बन गई है.

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