जेपी आंदोलन के दौरान नेताओं से जुड़े कई तरह के अफवाह उड़ जाते थे. एक बार सुशील कुमार मोदी के बारे में रांची में अफवाह उड़ गयी कि उनकी मृत्यु गोली लगने से हो गयी. इसके लिए फिरायालाल चौक पर श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया. हालांकि बाद में इस बात की जानकारी सब को हुई.