बिहार में छात्र आंदोलन से पहले गुजरात के इंजीनियरिंग कॉलेज में खाने के मेस का चार्ज बढ़ा दिया गया. इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन हुआ. राज्य में कांग्रेस सरकार को इस्तीफा देना पड़ा. इसे देखते हुए बिहार में छात्र संघ के द्वारा आंदोलन का मन बनाया गया. लव कुमार बताते हैं कि लालू यादव की अध्यक्षता में छात्र संघ की बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक में विधानसभा का घेराव करने का फैसला लिया है. फिर इसके बाद आपातकाल लगने तक राज्य में आंदोलन और सरकार को लेकर अखबार में सुर्खियां रहती थी. बाद में सरकार के खिलाफ कुछ भी लिखने की मनाही थी.