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खेल-खेल में बच्चों को शिक्षा दिलाना ही चहक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य

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खेल-खेल में बच्चों को शिक्षा दिलाना ही चहक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य

अलीगंज. सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से चहक कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इसके तहत प्रारंभिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना है. उक्त बातें मंगलवार को बीआरसी में आयोजित एक दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हरीशचंद्र सिंह ने कही. उन्होंने कहा कि चहक कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देना है. अक्षर ज्ञान के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के तौर-तरीकों को लेकर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि चहक कार्यक्रम मूल रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर पहली कक्षा में नामांकन कराने वाले बच्चों के शैक्षणिक आधार को मजबूत करने को लेकर चलाया गया है. प्रशिक्षक सरजीत कुमार, चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को प्री-प्राइमरी से आने वाले बच्चों को अंक गणना व अक्षर ज्ञान कराने के साथ उनकी बौद्धिक क्षमता को मजबूत करने को लेकर जानकारी दी जायेगी. उन्होंने बताया कि नयी शिक्षा नीति और शिक्षा के अधिकार कानून के तहत यह कार्यक्रम शुरू किया गया है. शिक्षकों को प्रशिक्षित करने को लेकर प्रखंड के 120 विद्यालय के एक-एक शिक्षकों को ट्रेनिंग दिया जाना है. अलीगंज बीआरसी केंद्र पर मास्टर ट्रेनर और मेंटर की प्रतिनियुक्ति की गयी है. इसमें एक दिन में 40 स्कूल के प्रशिक्षु शिक्षकों को चहक कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इससे आंगनबाड़ी से निकलने के बाद स्कूलों की पहली कक्षा में नामांकन कराने वाले बच्चों का शैक्षणिक विकास होगा. वर्ग एक के नव नामांकित बच्चों में तीन माह तक नयी-नयी गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक विकास, भाषा विकास, संख्या ज्ञान, पर्यावरणीय जागरूकता, सामाजिक व भावनात्मक विकास जैसे आयाम का विकास किया जायेगा. मौके पर प्रशिक्षु शिक्षक मनोज कुमार, महमूद अकरम, नरेश कुमार, बीरेंद्र कुमार, विक्रम कुमार, दामोदर प्रसाद, गावस्कर कुमार, संध्या सिंह, फरहत बेगम, विजय कुमार, अमन कुमार, मो तनवीर आलम, बीरेंद्र कुमार, लक्ष्मी कुमारी, कुमारी ज्योतिवाला, रुपा कुमारी, तरन्नुम प्रवीन, नूतन देवी, मो इब्रतुल्लाह समेत कई शिक्षक-शिक्षिका मौजूद थे.

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