सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को ले रसोईया ने किया प्रदर्शन

विद्यालय रसोईया को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने की मांग को लेकर मंगलवार को बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ (ऐक्टू) के आह्वान पर राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन किया गया.

By PANKAJ KUMAR SINGH | January 20, 2026 9:29 PM

जमुई . विद्यालय रसोईया को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने की मांग को लेकर मंगलवार को बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ (ऐक्टू) के आह्वान पर राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन किया गया. जमुई में सैकड़ों रसोईया कर्मियों ने स्टेडियम मैदान से मार्च निकालते हुए कचहरी स्थित आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर धरना दिया. धरना की अध्यक्षता संघ के जिला सचिव मो हैदर ने की. धरना को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला सचिव कामरेड शंभूशरण सिंह ने केंद्र व राज्य सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विद्यालय रसोईया को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं दी जा रही है. सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोईया को मात्र 3300 रुपये मानदेय मिलता है, वह भी पूरे साल का नहीं बल्कि केवल 10 माह का. अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की जमुई जिला नेत्री कामरेड किरण गुप्ता ने कहा कि इतनी कम मजदूरी किसी भी मजदूर के लिए अपमानजनक है. संघ के जिला सचिव मो. हैदर ने कहा कि केंद्र सरकार रसोईया के साथ अन्याय कर रही है. ऐक्टू के जिला संयोजक कामरेड बासुदेव ने कहा कि मजदूरों पर लगातार हमले बढ़ रहे हैं. धरना में संघ की जिला अध्यक्ष दीपमाला देवी, उपाध्यक्ष इंदू देवी सहित जनता देवी, किरण देवी, रिंकी देवी, अनीता देवी, दामोदर पासवान, मो अनवर, मंजू देवी, मुन्नी देवी, नीलम देवी, फुलकुमारी देवी, पिंकी देवी, लालपड़ी देवी, सिया देवी, निर्मला देवी, उर्मिला देवी, प्रेमलता देवी, चमनी देवी समेत सैकड़ों रसोईया ने भाग लिया.

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