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Home बिहार जमुई महादेव केवल संहार के अधिपति नहीं, समस्त सृष्टि के मूलाधार: स्वामी कैलाशानंद

महादेव केवल संहार के अधिपति नहीं, समस्त सृष्टि के मूलाधार: स्वामी कैलाशानंद

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महादेव केवल संहार के अधिपति नहीं, समस्त सृष्टि के मूलाधार: स्वामी कैलाशानंद

सिमुलतला. सिमुलतला में आयोजित शिव महापुराण कथा से पूरा क्षेत्र इन दिनों भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है. कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव की महिमा का श्रवण कर रहे हैं. व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने शिव तत्व की विस्तार से व्याख्या की. उन्होंने कहा कि महादेव केवल संहार के अधिपति नहीं, बल्कि परम करुणा के सागर और समस्त सृष्टि के मूलाधार हैं. शिव की सच्ची भक्ति का अर्थ अपने भीतर के अहंकार का त्याग कर लोक कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ना है. उन्होंने कहा कि वर्तमान कलयुग में जब मनुष्य मानसिक अशांति और भौतिकता की चकाचौंध में भटक रहा है, तब भगवान आशुतोष का नाम ही सच्चा सहारा है. महाराज ने बताया कि शिव पुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला मार्गदर्शक है, जो मनुष्य को मानसिक शांति और मोक्ष के मार्ग तक ले जाता है. उन्होंने श्रद्धालुओं से गौ सेवा, प्रकृति संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में भागीदारी निभाने का भी आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म हमें हर जीव में ईश्वर को देखने की दृष्टि प्रदान करता है. कथा के दौरान बीच-बीच में जब महाराज जी भजनों की प्रस्तुति करते हैं तो श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठते हैं और पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठता है. आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात्रि 9 से 10 बजे तक चलने वाली इस कथा का लाभ स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों और आध्यात्मिक चैनलों के जरिए देश-विदेश के श्रद्धालु भी उठा रहे हैं. आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्था की गयी है, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. कथा के अंत में स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जो व्यक्ति निष्काम भाव से शिव महापुराण का श्रवण करता है, उसके जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं और उसे आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है. 15 मार्च तक चलने वाला यह आयोजन सिमुलतला में आस्था और भक्ति का अनूठा माहौल बना रहा है.

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