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Home बिहार जमुई रूक्मणी और श्रीकृष्णा किसी काल में नहीं हो सकते हैं अलग

रूक्मणी और श्रीकृष्णा किसी काल में नहीं हो सकते हैं अलग

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रूक्मणी और श्रीकृष्णा किसी काल में नहीं हो सकते हैं अलग

जमुई. सदर प्रखंड क्षेत्र के नया टोला लठाने में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन सोमवार को हवन पूजन व भंडारे के साथ किया गया. इस दौरान वृंदावन से आये भागवत कथा वाचक मनीष जी महाराज ने अपनी कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण व माता रूक्मिणी की चर्चा की. उन्होंने कहा जैसे जल तरंग में भेद नहीं है वैसे ही रूक्मणी और श्रीकृष्णा में भेद नहीं है, एक शक्ति हैं तो दूसरा शक्तिमान, रूक्मणी और श्रीकृष्णा किसी काल में अलग नहीं हो सकते हैं. कांग्रेस पार्टी के युवा जिला अध्यक्ष परशुराम तांती ने बताया कि यज्ञ को क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल रहा. एक-एक ने अपनी सहभागिता दी और यज्ञ को सफल बनाया. उन्होंने यज्ञ कमेटी के सक्रिय सदस्यों को सुंदरकांड पुस्तक देकर सम्मानित किया. यज्ञ को सफल बनाने में ग्रामीण विशेश्वर तांती, उपेंद्र तांती, शंकर तांती, मोती तांती, मिथिलेश तांती, कौशल तांती, रघुनाथ तांती, कारू तांती, गणेश तांती, विष्णुदेव जी महाराज, निरंजन मांझी, दिलीप मांझी, केदार तांती, सिंघन तांती, उदय तांती, नूनदेव तांती, प्रमोद तांती,लालदेव कुमार, नवीन कुमार, प्रशांत शेखर, कुणाल शेखर, महेश तांती,रंजीत तांती समेत सभी लोगों ने सराहनीय योगदान दिया.

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