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सन्मार्ग पर चलना सिखाता है रामचरितमानस

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सन्मार्ग पर चलना सिखाता है रामचरितमानस

खैरा. प्रखंड क्षेत्र के चौहानडीह गांव स्थित यज्ञ स्थल पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के अंतिम दिन अयोध्या से पधारी साध्वी राधिका किशोरी ने रामचरितमानस के महत्व पर भावपूर्ण प्रवचन दिया. उन्होंने कहा कि रामचरितमानस सिर्फ धार्मिक ग्रंथ ही नहीं है, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला अमूल्य ग्रंथ है. साध्वी राधिका किशोरी ने कहा कि आज के सामाजिक परिवेश में मानस से हमें जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन मिलता है. यह हमें सन्मार्ग पर चलने, दूसरों का सम्मान करने और स्वयं सम्मान पाने की प्रेरणा देता है. उन्होंने श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम और भरत को धर्म का जीवंत अवतार बताते हुए कहा कि भरत का चरित्र बताता है कि धर्म की रक्षा कैसे की जाती है. उन्होंने सुंदरकांड के पाठ को मानसिक शांति, सकारात्मकता और मनोकामना पूर्ति का माध्यम बताया. इसके साथ ही हनुमान की लंका यात्रा, सीता माता से भेंट और लंका दहन जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए भक्ति, शक्ति, साहस और धर्म के संदेश को विस्तार से समझाया. सीता माता के चरित्र की व्याख्या करते हुए साध्वी जी ने कहा कि माता सीता सिर्फ जगत जननी ही नहीं, बल्कि आदर्श पत्नी, साहसी और समर्पित नारी की प्रतीक हैं. उनके जीवन से हर स्त्री को प्रेरणा लेनी चाहिए. प्रवचन के उपरांत महाआरती का आयोजन हुआ. इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया.

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