[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार जमुई सदर अस्पताल में जीविका से जुड़ी विधवा की रोज़ी-रोटी पर संकट

सदर अस्पताल में जीविका से जुड़ी विधवा की रोज़ी-रोटी पर संकट

0
सदर अस्पताल में जीविका से जुड़ी विधवा की रोज़ी-रोटी पर संकट

जमुई. सदर अस्पताल परिसर में जीविका योजना के तहत शुरू की गयी पोषण वाटिका सह एनपीएम शॉप को सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह ने 24 घंटे के अंदर हटाने का आदेश दिया है. महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से खोला गया यह केंद्र एक गरीब विधवा की रोज़ी-रोटी उपलब्ध कराता रहा है, जिस पर सीएस के आदेश के बाद अब संकट मंडराने लगा है. दुकान संचालित कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही तारा देवी ने बताया कि सीएस ने 24 घंटे के अंदर दुकान खाली करने का निर्देश दिया है. उसके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. बताया जाता है कि जीविका योजना से जुड़ी तारा देवी को लगभग चार वर्ष पूर्व सदर अस्पताल के मुख्य गेट के पास यह पोषण वाटिका केंद्र आवंटित किया गया था. जिसका विधिवत उद्घाटन तत्कालीन डीएम अवनीश कुमार ने किया था. पति की मृत्यु के बाद तारा देवी इसी दुकान के सहारे अपनी तीन छोटी बेटियों का पालन-पोषण कर रही हैं. तारा देवी का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना और पर्याप्त समय दिये दुकान हटाने का आदेश दे दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि दुकान हटानी ही थी तो कम से कम कुछ दिनों की मोहलत दी जाती ताकि वे अपना सामान व्यवस्थित तरीके से हटा पातीं. उनका यह भी कहना है कि समय सीमा के भीतर दुकान नहीं हटाने पर सामान फेंक देने की चेतावनी दी गयी है, जो पीड़ादायक है. तारा देवी ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगायी है. उनका कहना है कि यदि अस्पताल प्रशासन चाहे तो उन्हें किसी वैकल्पिक स्थान पर दुकान चलाने की अनुमति दी जाये, ताकि उनकी आजीविका बची रह सके और उनकी बेटियों का भविष्य अंधकारमय न हो.

यह मामला अब जीविका योजना के क्रियान्वयन, गरीब महिलाओं के पुनर्वास और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है. स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मानवीय पहल करते हुए पीड़िता को वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि एक विधवा मां की आजीविका और तीन बेटियों का भविष्य इस फैसले पर टिका है. प्रशासन यदि संवेदनशीलता दिखाए तो एक परिवार उजड़ने से बच सकता है.

कहते हैं सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार का कहना है कि जिस स्थान पर दुकान संचालित हो रही थी, वहां बिचौलियों का जमावड़ा लगने लगा था, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही थी. अस्पताल परिसर को सुचारू और सुरक्षित रखने के लिए दुकान हटाना आवश्यक है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel