पछुआ हवा के थपेड़ों से तपने लगा जमुई, पारा पहुंचा 41 पर, जनजीवन अस्त-व्यस्त
अप्रैल महीने में ही भीषण गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. तेज पछुआ हवा और तल्ख धूप के कारण जिले में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
By PANKAJ KUMAR SINGH |
April 21, 2026 5:59 PM
दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा, खेतों में काम ठप, फसलों पर भी पड़ रहा असर
जमुई. अप्रैल महीने में ही भीषण गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. तेज पछुआ हवा और तल्ख धूप के कारण जिले में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा. करीब 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म पछुआ हवा ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. सुबह से ही तेज धूप के कारण दिन के 12 बजे से पहले ही लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गये. चौक-चौराहों, बाजारों और खेत-खलिहानों में सन्नाटा पसरा रहा. फूटपाथी दुकानदार भी दोपहर में गायब दिखे, वहीं गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का काम भी बाधित रहा. तेज धूप और लू जैसे हालात ने अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी का अहसास करा दिया है. यदि तापमान में यही बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले दिनों में जनजीवन और खेती दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है.
खेती पर गर्मी की मार
औसत से अधिक तापमान का सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है. गेहूं की पिछात फसल समय से पहले ही झुलस कर पकने लगी है, जिससे बालियों की संख्या कम हो गई है और दाने भी पतले रह गए हैं. जिले में कटनी शुरू हो चुकी है, लेकिन संभावित उपज में गिरावट से किसान चिंतित हैं. वहीं, गरमा सब्जियों पर भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है. पुष्पण, फलन और परागण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर संकट के आसार हैं.
अभी और बढ़ेगी तपिश
मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच-छह दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है. इस दौरान तापमान में और वृद्धि हो सकती है. पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम 26 डिग्री के आसपास रहेगा. तेज पछुआ हवा का दौर भी जारी रहने की संभावना है. वहीं गुरुवार और शुक्रवार को तापमान में बढ़ोतरी रहने की संभावना है.
ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ी मांग
भीषण गर्मी के बीच बाजार में ठंडे पेय पदार्थों की बिक्री में तेजी आ गयी है. बोतलबंद पानी, नींबू पानी, खीरा, ककड़ी और तरबूज की मांग बढ़ गयी है. लोग किसी भी तरह गर्मी से राहत पाने की कोशिश में जुटे हैं.
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