जमुई. ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले सोमवार को कचहरी चौक स्थित आंबेडकर के प्रतिमा स्थल पर ड्राइवरों ने अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. कार्यक्रम की शुरुआत संघ के पदाधिकारियों ने बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की. धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विकास यादव ने की, जबकि संचालन जिला सचिव रामाशीष पटेल द्वारा किया गया.कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जिला संयोजक सह समाजसेवी गौरव सिंह राठौड़ और जिला कोषाध्यक्ष गणेश यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में ड्राइवरों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन उन्हें सामाजिक न्याय और सुरक्षा नहीं मिल पाती है. उन्होंने सरकार से ड्राइवरों की समस्याओं पर सकारात्मक पहल करने की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द ही मांगें पूरी नहीं हुईं तो देशव्यापी आंदोलन किया जायेगा. उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र राय के आह्वान पर बिहार के सभी जिलों में यह धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया है. धरना के बाद प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा. सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विकास यादव ने ड्राइवरों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील करते हुये कहा कि कोई भी चालक शराब पीकर वाहन न चलाए और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करे. धरना के दौरान हजारों की संख्या में मौजूद ड्राइवर खाकी वर्दी में अनुशासन के साथ शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने यातायात नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से कार्यक्रम का समापन किया. मौके पर बाबू साहेब, कुणाल सिंह, नितेश्वर आजाद, जिला सलाहकार मो. चांद, मदन शर्मा, गंगा राम चंद्रवंशी, मिथिलेश सिंह, बबन यादव, दिलीप यादव, मनोज यादव, पंचदेव कुमार, रतनदेव कुमार, नीरज यादव, अनुज सिंह, मुन्ना सिंह, अखिलेश यादव, रोहित यादव, राजेश यादव, धर्मेन्द्र यादव, अरविंद कुमार, विकास कुमार, लालू यादव, बुधन यादव, पंकज कुमार सहित हजारों की संख्या में ड्राइवर और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे. प्रमुख मांगे : धरने में उठाई गई प्रमुख मांगों में सड़क दुर्घटना में मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल करना, ड्राइवर वेलफेयर फंड की व्यवस्था, दुर्घटना में मृत्यु पर 20 लाख और अपंगता की स्थिति में 10 लाख रुपये मुआवजा, ड्राइवरों के बच्चों को उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण, 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करना, ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक का दर्जा देना तथा सुरक्षा कानून बनाने सहित पेंशन व चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था शामिल है.