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प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए बन रही धर्मशाला

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प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए बन रही धर्मशाला

शशिलाल, बरहट शिक्षा व समाजसेवा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल करते हुए मलयपुर स्थित मां काली मंदिर समिति ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों की सुविधा के लिए अनोखा कदम उठाया है. दूर-दराज जिलों से परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों को रात्रि विश्राम की परेशानी से राहत दिलाने के उद्देश्य से समिति मंदिर परिसर के पीछे एक निःशुल्क धर्मशाला का निर्माण कार्य शुरू कराया है. इस पहल को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा है और स्थानीय लोग इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बता रहे हैं. मां कालिका मंदिर के संस्थापक अशोक सिंह ने बताया की जिले में लगातार विभिन्न सरकारी व निजी प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित होती रहती हैं. इनमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बाहर से पहुंचते हैं. लेकिन ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई परीक्षार्थियों को स्टेशन प्लेटफॉर्म, स्कूल बरामदे या खुले स्थानों पर रात गुजारनी पड़ती है. ऐसी स्थिति में न तो उन्हें पर्याप्त आराम मिल पाता है और न ही वे परीक्षा से पहले मानसिक रूप से तैयार हो पाते हैं. इसका सीधा असर उनके प्रदर्शन और परिणाम पर पड़ता है. इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने धर्मशाला निर्माण का निर्णय लिया ताकि परीक्षार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और शांत वातावरण में ठहरने की सुविधा मिल सके.मंदिर समिति की ओर से निर्माण कराए जा रहे धर्मशाला में अलग-अलग कक्ष, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, रोशनी और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था है. खास बात यह है कि छात्राओं के लिए अलग सुरक्षित आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी जिससे अभिभावकों की चिंता भी कम होगी. उन्होंने कहा कि यह पहल केवल ठहराव तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मंदिर समिति एक दीर्घकालिक योजना पर भी काम कर रही है. इसके तहत हर जाति और धर्म के दो जरूरतमंद बच्चों का चयन कर उन्हें कक्षा पाँच से लेकर नौकरी मिलने तक निःशुल्क शिक्षा, आवास और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा. उनका कहना है कि प्रतिभा आर्थिक अभाव की वजह से रुकनी नहीं चाहिए. इसलिए समिति ऐसे बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी जिम्मेदारी उठायेगी. इस महत्वाकांक्षी योजना को मजबूत आधार देने के लिए उन्होंने चर्चित शिक्षक खान सर से भी संपर्क कर शैक्षणिक सहयोग और मार्गदर्शन पर चर्चा की है. उम्मीद जताई जा रही है कि उनके अनुभव और शैक्षणिक दिशा-निर्देशन से चयनित छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विशेष लाभ मिलेगा.

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